भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को भी कमजोरी का माहौल बना रहा। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 331.62 अंक यानी 0.43 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,059.77 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 50 भी 102.15 अंक टूटकर 23,767.45 के स्तर पर बंद हुआ। इसके साथ ही घरेलू शेयर बाजार लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ।
कारोबार के दौरान 900 अंक तक लुढ़का सेंसेक्स
शुक्रवार को बाजार की शुरुआत कमजोर रही और शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 900 अंक तक फिसल गया। हालांकि बाद में कुछ खरीदारी लौटने से नुकसान कम हुआ, लेकिन बाजार हरे निशान में नहीं आ सका। दिनभर निवेशकों में सतर्कता बनी रही और उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहा।
इन कारणों से बढ़ा दबाव
विशेषज्ञों के अनुसार बाजार पर कई वैश्विक और घरेलू कारणों का असर देखने को मिला। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों का 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंचना, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया। इसके अलावा अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता और रुपये में कमजोरी ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया।
किन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा असर
शुक्रवार के कारोबार में ऑटो, मेटल और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। दूसरी ओर मीडिया, आईटी और पीएसयू बैंक सेक्टर के कुछ शेयरों में खरीदारी दर्ज की गई, जिससे बाजार को थोड़ी राहत मिली। व्यापक बाजार में भी मिलाजुला रुख रहा और मिडकैप तथा स्मॉलकैप शेयरों में हल्की कमजोरी दर्ज की गई।
लगातार पांच दिनों की गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। बाजार में अस्थिरता को मापने वाला इंडिया VIX भी बढ़त के साथ बंद हुआ, जिससे यह संकेत मिला कि आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों की नजर अब कंपनियों के तिमाही नतीजों, वैश्विक घटनाक्रम और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेगी।
अगले सप्ताह पर रहेगी नजर
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अगले सप्ताह भी वैश्विक संकेतों का असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिल सकता है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, पश्चिम एशिया की स्थिति, विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री और कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। फिलहाल निवेशकों को सतर्क रहकर सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
