दिल्ली के हौज खास इलाके में गंदे और दूषित पानी की आपूर्ति को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता अब कानूनी लड़ाई तक पहुंच गई है। क्षेत्र के निवासियों ने आरोप लगाया है कि उनके घरों में लंबे समय से गंदा पानी आ रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ गया है। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। इस मामले पर अदालत में 4 जून को सुनवाई होने की संभावना है।
दिल्ली जल बोर्ड के खिलाफ उठी आवाज
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों और दिल्ली जल बोर्ड से शिकायत की, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। लोगों का आरोप है कि पानी में गंदगी, बदबू और अशुद्धियां लगातार देखने को मिल रही हैं। इससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
हाई कोर्ट में सुनवाई पर टिकी निगाहें
अब इस पूरे मामले की सुनवाई दिल्ली हाई कोर्ट में होने जा रही है। स्थानीय निवासियों को उम्मीद है कि अदालत इस मुद्दे पर संबंधित विभागों से जवाब मांगेगी और समस्या के समाधान के लिए आवश्यक निर्देश जारी कर सकती है। मामले के अदालत तक पहुंचने के बाद इस मुद्दे ने राजधानी में स्वच्छ जल आपूर्ति की व्यवस्था को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।
स्वास्थ्य पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों के अनुसार यदि पेयजल में अशुद्धियां मौजूद हों तो इससे पेट और आंतों से जुड़ी कई समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसी वजह से हौज खास के निवासी इस मुद्दे को गंभीर मान रहे हैं। उनका कहना है कि स्वच्छ पानी हर नागरिक का मूल अधिकार है और इसके लिए जिम्मेदार एजेंसियों को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए। दूषित पानी की शिकायतें पहले भी दिल्ली के कुछ अन्य इलाकों से सामने आती रही हैं।
जल आपूर्ति व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
इस मामले ने एक बार फिर दिल्ली की जल आपूर्ति और पाइपलाइन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई नागरिक संगठनों का मानना है कि पुरानी पाइपलाइनों, रिसाव और सीवर लाइनों के साथ संपर्क जैसी समस्याएं जल गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती हैं। अब सभी की नजरें 4 जून की सुनवाई पर हैं, जहां यह स्पष्ट हो सकेगा कि अदालत इस मामले में क्या रुख अपनाती है और संबंधित विभागों को क्या निर्देश दिए जाते हैं।
