रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि भारत के लिए रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना अब समय की ज़रूरत है। उन्होंने बताया कि सरकार अगले 10 सालों में देश के सभी अहम ठिकानों को नई हवाई सुरक्षा प्रणाली ‘सुदर्शन चक्र’ के तहत सुरक्षित करेगी। इस महत्वाकांक्षी योजना का मकसद किसी भी दुश्मन हमले का बचाव करना और तुरंत जवाब देने की क्षमता विकसित करना है।
आत्मनिर्भरता ही बनेगी सुरक्षा ढाल
रक्षा मंत्री ने कहा कि आज की परिस्थितियों में किसी भी विदेशी देश पर निर्भर रहना खतरनाक है। बदलते वैश्विक हालात ने साफ कर दिया है कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता ही भारत की आर्थिक और सामरिक सुरक्षा दोनों की गारंटी है। उन्होंने कहा, “अभी हमें यह समझना होगा कि आत्मनिर्भर भारत सिर्फ नारा नहीं, बल्कि हमारी सुरक्षा की ढाल है।”
‘ऑपरेशन सिंदूर’ से मिली बड़ी सीख
राजनाथ सिंह ने कहा कि हाल ही में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने दिखा दिया कि आधुनिक युद्ध में हवाई सुरक्षा कितनी अहम हो चुकी है। उन्होंने कहा कि भविष्य के युद्धों में हवाई हमले निर्णायक साबित हो सकते हैं, ऐसे में भारत को अपनी स्वदेशी तकनीक और रक्षा तंत्र पर ही भरोसा करना होगा।
पाकिस्तान को करारा जवाब
यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब पाकिस्तान सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने हाल ही में बयान दिया था कि अगर भविष्य में भारत और पाकिस्तान के बीच टकराव होता है तो पाकिस्तान भारतीय ठिकानों को निशाना बनाएगा। राजनाथ सिंह ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत अब किसी भी खतरे का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है और ‘सुदर्शन चक्र मिशन’ इसमें गेम चेंजर साबित होगा।
मोदी सरकार का बड़ा विज़न
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में इस हवाई सुरक्षा मिशन का ऐलान किया था। इसके तहत देश के अहम ठिकानों, उद्योगों और शहरों को एक मजबूत हवाई ढाल प्रदान की जाएगी। रक्षा मंत्री ने कहा कि आने वाले दशक में भारत न केवल अपनी सुरक्षा खुद सुनिश्चित करेगा, बल्कि दुनिया के लिए भी भरोसेमंद रक्षा साझेदार बनेगा।
