पंजाब में हाल ही में आई बाढ़ के चलते कई ग्रामीण लिंक सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए कृषि और किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सड़कों की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए। ताकि खरीफ सीजन शुरू होने से पहले किसानों की उपज बिना रुकावट मंडियों तक पहुँच सके।
उच्चस्तरीय बैठक में हालात का किया गया आकलन
चंडीगढ़ में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में कृषि विभाग और पंजाब मंडी बोर्ड के अधिकारियों ने बाढ़ से प्रभावित इलाकों में सड़कों की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में मंडी बोर्ड चेयरमैन हरचंद सिंह बराड़ भी मौजूद रहे। मंत्री ने साफ कहा कि सड़कों की बहाली के लिए ज़रूरी सहायता के लिए अंतिम रिपोर्ट जल्द ही केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।
किसानों की फसल सुरक्षित मंडियों तक पहुँचाना लक्ष्य
मंत्री खुड्डियां ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता यह है कि किसानों की मेहनत का हर दाना मंडियों तक सुरक्षित पहुँचे। इसके लिए सबसे अहम कदम गाँवों की लिंक सड़कों की मरम्मत है। उन्होंने ज़ोर दिया कि नुकसान का पूरा आकलन होने के बाद पुनर्निर्माण का काम जंगी स्तर पर शुरू किया जाएगा।
लंबित प्रोजेक्ट्स में आएगी तेजी
बैठक में न केवल बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन किया गया, बल्कि चल रहे सड़क प्रोजेक्ट्स की प्रगति की भी समीक्षा हुई। मंत्री खुड्डियां और चेयरमैन बराड़ ने अधिकारियों को आदेश दिए कि सभी ज़रूरी मंजूरियाँ तुरंत जारी की जाएं, ताकि टेंडर प्रक्रिया पूरी करके काम जल्दी शुरू हो सके।
विकास परियोजनाओं पर सरकार की प्रतिबद्धता
कृषि विभाग के प्रधान सचिव डॉ. बसंत गर्ग ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार किसानों को हर संभव सुविधा देने के लिए प्रतिबद्ध है। प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए कृषि ढांचे को मज़बूत करना सरकार की बड़ी प्राथमिकता है। इसी के तहत मंडी बोर्ड के सभी विकास कार्यों को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
बैठक में मंडी बोर्ड के सचिव रामवीर, मुख्य इंजीनियर गुरिंदर सिंह चीमा, मुख्य इंजीनियर अमनदीप सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क की तत्काल बहाली के लिए रणनीति बनाई।
