पंजाब सरकार ने प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए “आसान रजिस्ट्री” व्यवस्था को पूरे राज्य में लागू कर दिया है। इस नई व्यवस्था का मकसद सब-रजिस्ट्रार दफ्तरों में होने वाली देरी, मनमानी और भ्रष्टाचार पर पूरी तरह लगाम लगाना है। अब रजिस्ट्री की प्रक्रिया तय समय सीमा के भीतर पूरी होगी और किसी अधिकारी की व्यक्तिगत मंजूरी पर निर्भर नहीं रहेगी।
छह महीनों में लाखों रजिस्ट्रियां
सरकार के अनुसार, आसान रजिस्ट्री सिस्टम लागू होने के बाद सिर्फ छह महीनों में 3.70 लाख से ज्यादा प्रॉपर्टी डॉक्यूमेंट रजिस्टर किए जा चुके हैं। यह आंकड़ा दिखाता है कि लोग तेजी से इस डिजिटल प्रक्रिया को अपना रहे हैं और बिचौलियों पर आधारित पुराने सिस्टम से दूरी बना रहे हैं।
बिचौलियों और रिश्वत से राहत
इस नई व्यवस्था में उन सभी फिजिकल इंटरफेस पॉइंट्स को खत्म कर दिया गया है, जहां अक्सर आम लोगों को परेशानी, बेवजह देरी और रिश्वत का सामना करना पड़ता था। अब प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और ऑटोमेटेड है, जिससे आम नागरिक बिना किसी दबाव के अपनी प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन करवा सकता है।
WhatsApp पर मिलेंगे हर स्टेज के अपडेट
आसान रजिस्ट्री सिस्टम की एक बड़ी खासियत यह है कि इसमें ऑटोमेटेड WhatsApp अपडेट की सुविधा दी गई है। रजिस्ट्री के हर चरण की जानकारी रियल-टाइम में आवेदक को मिलती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है और लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।
भरोसे और सुविधा की ओर कदम
पंजाब सरकार का मानना है कि आसान रजिस्ट्री जैसी डिजिटल पहलें लोगों का सरकारी सिस्टम पर भरोसा बढ़ाएंगी। यह कदम न सिर्फ समय और पैसे की बचत करेगा, बल्कि प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन को सरल, सुरक्षित और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत पहल साबित होगा।
