मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में हुई पंजाब कैबिनेट की बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कई अहम फैसलों को मंज़ूरी दी गई। कैबिनेट ने संगरूर जिले के लेहरागागा में अल्पसंख्यक मेडिकल कॉलेज खोलने को हरी झंडी दे दी है। यह कॉलेज 19 एकड़ जमीन पर बनेगा और इसके साथ 220 बेड का अस्पताल अनिवार्य रूप से जोड़ा जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि मेडिकल शिक्षा के साथ-साथ ज़मीनी स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध हों।
50 MBBS सीटों से मिलेगा स्थानीय युवाओं को लाभ
इस मेडिकल कॉलेज में 50 MBBS सीटें होंगी, जिससे इलाके के छात्रों को पढ़ाई के नए अवसर मिलेंगे। सरकार का कहना है कि केवल मंज़ूरी तक सीमित रहने के बजाय, अस्पताल और कॉलेज के ज़रिये वास्तविक स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे मालवा क्षेत्र में इलाज और मेडिकल एजुकेशन दोनों को मजबूती मिलेगी।
GMADA प्लॉट रेट्स में पारदर्शिता
कैबिनेट ने GMADA के तहत आने वाले प्लॉट्स के लिए एक बड़ा सुधार करते हुए डिफॉल्ट लैंड रेट्स को सीमित करने का फैसला किया है। अब रिज़र्व प्राइस मनमाने तरीके से तय नहीं होंगे, बल्कि नीलामी में मिले औसत दामों के आधार पर तय किए जाएंगे। इससे ज़मीन की कीमतों में बेवजह बढ़ोतरी रुकेगी और आम लोगों व निवेशकों को राहत मिलेगी।
रुकी परियोजनाओं को मिलेगी नई रफ्तार
सरकार का मानना है कि इस सुधार से स्वास्थ्य, शिक्षा और हाउसिंग से जुड़ी कई ऐसी परियोजनाएं आगे बढ़ेंगी, जो अब तक ज़मीन की ऊंची कीमतों के कारण अटकी हुई थीं। यह कदम विकास कार्यों को गति देने में मददगार साबित होगा।
गैर-व्यावहारिक प्रोजेक्ट्स को हटाने का फैसला
इसके अलावा, कैबिनेट ने रिवरफ्रंट और स्पेशल डेवलपमेंट अथॉरिटी से जुड़े कुछ ऐसे प्रोजेक्ट्स को डीलिस्ट करने की भी मंज़ूरी दी है, जो आर्थिक या व्यावहारिक रूप से संभव नहीं थे। सरकार का उद्देश्य है कि संसाधनों का सही इस्तेमाल हो और केवल ज़रूरी व उपयोगी योजनाओं पर फोकस किया जाए।
