देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है और कई इलाकों में लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। इस गंभीर स्थिति को कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने और भी मुश्किल बना दिया है। 28 दिसंबर की सुबह दिल्लीवासियों को प्रदूषण और मौसम की दोहरी मार झेलनी पड़ी।
घना कोहरा, सड़कों पर रेंगते वाहन
रविवार सुबह राजधानी में घना स्मॉग और कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई। कई इलाकों में विजिबिलिटी इतनी कम थी कि वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर गाड़ी चलानी पड़ी। सड़कों पर ट्रैफिक की रफ्तार थमी नजर आई और जगह-जगह जाम की स्थिति बनी रही।
नए साल से पहले घूमने का प्लान बना रहे लोगों को भी झटका लगा है। घने कोहरे के कारण कई फ्लाइट्स और ट्रेनें घंटों की देरी से चल रही हैं, जबकि कुछ सेवाएं रद्द भी कर दी गई हैं। यात्रियों को एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दिल्ली की हवा बेहद खराब श्रेणी में
सरकारी ऐप ‘समीर’ के अनुसार रविवार सुबह करीब 8 बजे दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के आसपास दर्ज किया गया। यह स्तर ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है और साफ संकेत देता है कि हवा सांस लेने के लिए सुरक्षित नहीं है। लंबे समय से ऊंचे AQI के कारण बुजुर्गों, बच्चों और अस्थमा या सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए खतरा और बढ़ गया है।
इन इलाकों में हालात सबसे ज्यादा खराब
दिल्ली के कई हिस्सों में प्रदूषण का स्तर बेहद चिंताजनक दर्ज किया गया। आनंद विहार में AQI 445, शादीपुर में 447, वजीरपुर 437, नरेला 435, जहांगीरपुरी 433 और नेहरू नगर में 431 रिकॉर्ड किया गया। रोहिणी और अशोक विहार में AQI 429, विवेक विहार 428, ओखला फेस-2 और बावन 423, पटपड़गंज 423, पंजाबी बाग 420 और चांदनी चौक 418 रहा। इसके अलावा डीटीयू और आरके पुरम में 414, मुंडका 409 और द्वारका सेक्टर-8 व आईटीओ में AQI 401 दर्ज किया गया। आंकड़े बताते हैं कि लगभग पूरी दिल्ली जहरीली हवा की गिरफ्त में है।
ठंड और स्थिर मौसम ने बढ़ाई परेशानी
मौसम विभाग ने पहले ही 28 दिसंबर के लिए कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया था, जो पूरी तरह सही साबित हुआ। न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ठंडी हवाओं की कमी और स्थिर मौसम की वजह से प्रदूषक हवा में ही फंसे रहे, जिससे स्मॉग और कोहरे की परत और घनी हो गई।
सावधानी बरतने की सलाह
विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि जब तक जरूरी न हो, घर से बाहर न निकलें। मास्क का इस्तेमाल करें, बुजुर्ग और बच्चे खासतौर पर सतर्क रहें। दिल्ली की जहरीली हवा ने एक बार फिर यह चेतावनी दे दी है कि प्रदूषण अब सिर्फ पर्यावरण नहीं, बल्कि सीधा स्वास्थ्य संकट बन चुका है।
