दीवाली की सुबह यानी 20 अक्टूबर को चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई। 1 किलो चांदी की कीमत अब 1,71,900 रुपये तक पहुंच गई है। पिछले हफ्ते ही चांदी में करीब 8,000 रुपये प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई थी। धनतेरस के मौके पर दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी 7,000 रुपये टूटकर 1,70,000 रुपये प्रति किलो पर आ गई।
हालांकि, अगर पिछले साल की धनतेरस से तुलना की जाए तो इस बार चांदी की कीमतों में लगभग 70,300 रुपये या करीब 70.5 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। यानी पिछले एक साल में चांदी ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है।
देश के प्रमुख शहरों में चांदी के दाम
- दिल्ली – ₹1,71,900 प्रति किलो
- मुंबई – ₹1,71,900 प्रति किलो
- अहमदाबाद – ₹1,71,900 प्रति किलो
- चेन्नई – ₹1,89,900 प्रति किलो
- कोलकाता – ₹1,71,900 प्रति किलो
- हैदराबाद – ₹1,89,900 प्रति किलो
- जयपुर – ₹1,71,900 प्रति किलो
- बेंगलुरु – ₹1,79,900 प्रति किलो
- सूरत – ₹1,71,900 प्रति किलो
- पुणे – ₹1,71,900 प्रति किलो
चेन्नई और हैदराबाद में चांदी के भाव सबसे ज्यादा दर्ज किए गए हैं, जबकि देश के अन्य शहरों में दरें लगभग समान रहीं।
धनतेरस पर चांदी की जबरदस्त मांग
इस बार धनतेरस पर उपभोक्ताओं ने सोने से ज्यादा रुचि चांदी में दिखाई। बाजारों में चांदी के सिक्कों और बर्तनों की जोरदार खरीदारी हुई। कारोबारियों के अनुसार, चांदी के सिक्कों की बिक्री 35 से 40 प्रतिशत तक बढ़ गई है। वहीं, कुल बिक्री का मूल्य पिछले साल की तुलना में दुगुना से भी अधिक हो गया।
यह रुझान बताता है कि निवेशक अब चांदी को सिर्फ आभूषण या पूजा-पाठ की वस्तु नहीं, बल्कि एक मजबूत निवेश विकल्प के रूप में भी देख रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गिरी चांदी
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी चांदी की कीमतों में 6 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। यह गिरावट पिछले छह महीनों में सबसे बड़ी बताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, हाल ही में चांदी के दामों में हुई तेज तेजी के बाद निवेशकों ने भारी मुनाफा वसूला, जिससे दामों में यह गिरावट देखने को मिली।
भले ही दीवाली पर चांदी की कीमतों में थोड़ी नरमी आई हो, लेकिन इसकी मांग और लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। निवेशक इसे अब “सस्ती सोने की चमक” के रूप में देख रहे हैं। अगर यही रुझान जारी रहा तो आने वाले महीनों में चांदी फिर से नए ऊंचे स्तरों को छू सकती है।
