पंजाब को मिली दो नई यूनिवर्सिटियों की सौगात, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैस ने किए बड़े ऐलान
पंजाब की शिक्षा व्यवस्था को मज़बूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। आज पंजाब विधानसभा में दो नई यूनिवर्सिटियों को मंज़ूरी दे दी गई है। इस बारे में जानकारी देते हुए राज्य के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैस ने कहा कि इन नई यूनिवर्सिटियों से न सिर्फ युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए बेहतर विकल्प मिलेंगे, बल्कि उन्हें बिज़नेस और उद्यमिता के नए अवसर भी मिल सकेंगे।
“हमारा मुख्य एजेंडा शिक्षा है” – शिक्षा मंत्री
हरजोत बैस ने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है कि किसी सरकार ने शिक्षा को अपने चुनावी एजेंडे का केंद्र बनाया और उसी पर काम भी किया। उन्होंने कहा कि 2022 के चुनावों में आम आदमी पार्टी ने शिक्षा के मुद्दे पर जनता से वोट मांगे थे और अब उस भरोसे को पूरा करने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि आने वाले समय में सरकार की योजना अजनाला, बर्नाला और कीरतपुर साहिब जैसे इलाकों में भी नए सरकारी कॉलेज खोलने की है, ताकि दूरदराज़ के छात्रों को भी अच्छी शिक्षा मिल सके।
पंजाब बना शिक्षा का नया केंद्र
हरजोत बैस ने कहा कि पहले जहां पंजाब से छात्रों का ब्रेन ड्रेन होता था, अब ऐसा वक्त आ गया है कि विदेशों से छात्र पढ़ाई के लिए पंजाब आने लगे हैं। उन्होंने कहा कि यह बदलाव आसान नहीं था, लेकिन सरकार ने कई ठोस कदम उठाए हैं।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि पहले की सरकारों ने जरूरतमंद छात्रों के वजीफे तक हड़प लिए, लेकिन आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद अब सभी SC छात्रों को समय पर स्कॉलरशिप मिल रही है और यूनिवर्सिटियों को भी समय पर ग्रांट दी जा रही है।
उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि कोई भी गेस्ट फैकल्टी अपनी नौकरी नहीं खोएगी, और सरकार ने ऐसे कोर्स शुरू किए हैं जिनकी बाज़ार में अच्छी डिमांड है ताकि छात्रों को बेहतर रोज़गार मिल सके।
कांग्रेस नेता प्रताप बाजवा ने भी की तारीफ
इस बड़े फैसले पर विपक्ष की ओर से भी सकारात्मक प्रतिक्रिया आई। कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने इन दोनों नई यूनिवर्सिटियों को मंज़ूरी देने के फैसले की तारीफ की और कहा कि इससे पंजाब में यूनिवर्सिटियों की संख्या 17 से बढ़कर 19 हो जाएगी। उन्होंने इस कदम को सराहनीय बताया क्योंकि इससे राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।
हालांकि बाजवा ने एक अहम सवाल भी उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि जालंधर में प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय (Sports University) को लेकर मौजूदा स्थिति क्या है? उन्होंने याद दिलाया कि जालंधर की उपचुनाव रैली में आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसकी स्थापना का वादा किया था। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वे इस पर अपना स्पष्ट रुख पेश करें।
पंजाब में शिक्षा क्षेत्र को लेकर जिस तरह के निर्णय लिए जा रहे हैं, वे राज्य को एक शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं। जहां एक ओर सरकार युवाओं को रोजगारोन्मुखी शिक्षा देने पर जोर दे रही है, वहीं विपक्ष भी यदि रचनात्मक सुझाव देता है, तो यह राज्य के भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
