पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा है कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र को मज़बूती देने के लिए परंपरागत सोच से हटकर कई ठोस कदम उठा रही है। शुक्रवार को NEET परीक्षा पास करने वाले सरकारी स्कूलों के 509 छात्रों को सम्मानित करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने छात्रों और अभिभावकों को बधाई दी और शिक्षा में आई सकारात्मक बदलावों पर विस्तार से बात की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन सालों में पंजाब की शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन देखने को मिले हैं। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र अब मेडिकल जैसी कठिन परीक्षा पास कर रहे हैं, जो पहले शायद कोई सोच भी नहीं सकता था। उन्होंने इसे “ऐतिहासिक दिन” बताया।
सीएम मान ने कहा कि अब सरकारी स्कूल सिर्फ इमारतें नहीं, बल्कि ऐसे संस्थान बन गए हैं जो अभिभावकों के सपनों को साकार कर रहे हैं। पहले सरकारी स्कूलों में न तो कोई गुणवत्ता की उम्मीद करता था और न ही बच्चे वहां जाना पसंद करते थे, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे, खेलों, नौकरियों और नशा मुक्त पंजाब को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में रखा है। नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ‘युद्ध नशों के खिलाफ’ के रूप में व्यापक जन आंदोलन शुरू किया है और नशा तस्करों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि अब तक 54 हजार से ज्यादा नौजवानों को मेरिट के आधार पर सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से की गई है। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि युवाओं का सरकार पर विश्वास बढ़ा है और अब वे विदेश जाने की बजाय राज्य में ही सेवा करना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अब सरकारी स्कूलों में मापे-शिक्षक मीटिंग्स (PTM) का आयोजन किया जा रहा है, जो पहले केवल प्राइवेट स्कूलों तक सीमित थी। इस पहल से अभिभावकों और शिक्षकों के बीच बेहतर तालमेल बन रहा है, जिससे छात्रों की पढ़ाई पर सकारात्मक असर हो रहा है।
इसके अलावा उन्होंने बताया कि राज्य में आधुनिक सुविधाओं से लैस सार्वजनिक पुस्तकालय भी खोले जा रहे हैं, जिनमें वाई-फाई, सोलर पावर, डिजिटल और एनालॉग सुविधाएं दी जा रही हैं। इन लाइब्रेरीज़ में पाठ्यक्रम की किताबों के साथ-साथ विश्व स्तरीय साहित्य भी उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबी और सामाजिक बुराइयों का समाधान मुफ्त चीजों से नहीं, बल्कि बेहतर शिक्षा से किया जा सकता है। उन्होंने लड़कियों की कामयाबी की सराहना करते हुए बताया कि आज वे हर क्षेत्र में लड़कों से आगे निकल रही हैं। महिला सशक्तिकरण की दिशा में काम करते हुए पंजाब सरकार ने कई महिला अधिकारियों को डीसी और एसएसपी जैसे पदों पर नियुक्त किया है।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस समेत कई अधिकारी मौजूद थे।
