पंजाब के पशुपालन विभाग ने हाल ही में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। रूपनगर स्थित सीमन स्टेशन को इंटरनेशनल ऑर्गनाइज़ेशन फॉर स्टैंडर्डाइज़ेशन (ISO) का सर्टिफिकेशन प्राप्त हुआ है। यह प्रमाणन राज्य में पशुपालन सेवाओं की गुणवत्ता और कार्यकुशलता को दर्शाता है और इस क्षेत्र में पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता का परिचायक है।
इस उपलब्धि की जानकारी पंजाब के पशुपालन, डेयरी विकास एवं मत्स्य पालन मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड़ियां ने दी। उन्होंने बताया कि अब तक पंजाब के दो सीमन बैंकों को ISO सर्टिफिकेशन प्राप्त हो चुका है, जो राज्य सरकार द्वारा पशुपालन क्षेत्र में किए जा रहे सतत सुधार और आधुनिकीकरण के प्रयासों का नतीजा है।
उत्पादन लक्ष्य और उपलब्धि
रूपनगर सीमन स्टेशन ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में 1.06 लाख सीमेन स्ट्रॉ का उत्पादन किया है, और वर्ष के अंत तक इसका लक्ष्य 5.20 लाख स्ट्रॉ तैयार करने का है। यह उपलब्धि राज्य में उन्नत पशु नस्लों को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
इसी प्रकार, नाभा सीमन स्टेशन को भी ISO 9001:2015 सर्टिफिकेशन प्राप्त है और भारत सरकार द्वारा इसे ग्रेड ‘A’ का दर्जा दिया गया है। इस स्टेशन ने पहली तिमाही में 3.11 लाख सीमेन स्ट्रॉ तैयार किए हैं और वर्ष भर में 16.39 लाख स्ट्रॉ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले अधिक है।
किसानों की आय और पशुधन में सुधार
मंत्री स. खुड़ियां ने कहा कि विभाग की यह पहल किसानों को पशुपालन और डेयरी जैसे सहायक कृषि व्यवसायों से जोड़ने और उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार राज्य के कोने-कोने तक उत्तम नस्ल के सीमन स्ट्रॉ पहुँचाने का कार्य कर रही है।
सीमन स्ट्रॉ का उपयोग अच्छी नस्ल की बछियाँ पैदा करने में किया जाता है, जिससे दूध उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होती है। इससे न सिर्फ किसान लाभान्वित होंगे, बल्कि राज्य का दुग्ध उत्पादन भी नई ऊंचाइयों को छू सकेगा।
ISO सर्टिफिकेशन के साथ, पंजाब का पशुपालन विभाग राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरता दिख रहा है। यह पहल न सिर्फ तकनीकी दक्षता का प्रतीक है, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने और पशुधन की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में भी एक प्रभावशाली कदम है।
