पंजाब के सरहदी कस्बे अजनाला के रामदास इलाके में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। रविवार सुबह 4 बजे से जिला प्रशासन, सेना, बीएसएफ और एनडीआरएफ की टीमें लगातार बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला गया
शनिवार तक कई लोग अपने घर छोड़ने को तैयार नहीं थे और पानी में फंस गए थे। लेकिन रविवार को प्रशासन और रेस्क्यू टीमों ने उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया। एनडीआरएफ की आधुनिक नावों ने राहत कार्य को आसान बना दिया है, जो 5 फुट गहरे पानी में भी चल सकती हैं।
46 गांव अब तक प्रभावित
रामदास इलाके में अब तक 46 गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। शनिवार तक यह संख्या सिर्फ 20 थी, लेकिन माधोपुर का बाढ़ गेट टूटने के बाद भारी मात्रा में पानी आ गया, जिससे हालात और बिगड़ गए। रामदास शहर के कई हिस्सों में भी पानी भरना शुरू हो गया है।
राहत सामग्री और मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध
प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए भोजन, पीने का पानी और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की है। साथ ही सुरक्षित स्थानों पर अस्थायी ठिकाने बनाए गए हैं, जहां प्रभावित परिवारों को शिफ्ट किया जा रहा है।
हालात बने चिंताजनक
सबसे बड़ी चिंता का विषय यह है कि पीछे से लगातार पानी आने के कारण एक दर्जन से ज्यादा नए गांव भी बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। पानी का दबाव बढ़ने से स्थिति और गंभीर हो सकती है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले 24 घंटे बेहद अहम होंगे और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और रेस्क्यू टीमों का सहयोग करें। सेना और एनडीआरएफ की टीमें लगातार चौबीसों घंटे बचाव कार्य में लगी हुई हैं, ताकि किसी भी तरह की जनहानि को रोका जा सके।
