पंजाब में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है, लेकिन राज्य सरकार और राहत एजेंसियां दिन-रात लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने में जुटी हुई हैं। पंजाब के आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने रविवार को जानकारी दी कि अब तक बाढ़ प्रभावित इलाकों से 14,936 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है। इस अभियान में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना और पंजाब पुलिस की टीमें लगातार सक्रिय हैं।
जिलावार राहत कार्यों की स्थिति
बाढ़ प्रभावित जिलों में बड़े पैमाने पर लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। अमृतसर से 1700, बर्नाला से 25, फाज़िल्का से 1599, फिरोज़पुर से 3265, गुरदासपुर से 5456, होशियारपुर से 1052, कपूरथला से 362, मानसा से 163, मोगा से 115, पठानकोट से 1139 और तरनतारन से 60 लोगों को अब तक सुरक्षित बचाया गया है।
राहत कैंपों की संख्या बढ़ी
जैसे-जैसे रेस्क्यू किए गए लोगों की संख्या बढ़ रही है, वैसे-वैसे राहत शिविरों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। इस समय राज्य में 122 राहत कैंप सक्रिय हैं, जिनमें लगभग 6582 लोगों को ठहराया गया है।
जिलों में स्थापित राहत कैंप
मंत्री ने बताया कि अमृतसर में 16, बर्नाला में 1, फाज़िल्का में 7, फिरोज़पुर में 8, गुरदासपुर में 25, होशियारपुर में 20, कपूरथला में 4, मानसा में 1, मोगा में 5, पठानकोट में 14, संगरूर में 1 और पटियाला में 20 कैंप चलाए जा रहे हैं। सभी डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश दिए गए हैं कि इन कैंपों में ज़रूरत की हर सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
कैंपों में ठहरे लोगों की संख्या
अमृतसर के कैंपों में 170, बर्नाला में 25, फाज़िल्का में 652, फिरोज़पुर में 3987, गुरदासपुर में 411, होशियारपुर में 478, कपूरथला में 110, मानसा में 163, मोगा में 115, पठानकोट में 411 और संगरूर में 60 लोग फिलहाल रह रहे हैं।
कुल मिलाकर स्थिति गंभीर
अब तक पंजाब के 1312 गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि हर प्रभावित परिवार तक सहायता पहुँचाना प्राथमिकता है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार बचाव कार्यों में लगी हुई हैं, वहीं जिला प्रशासन को लोगों के लिए भोजन, पानी और दवाइयों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
