भारत सरकार द्वारा सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% करने के बाद देशभर में इन कीमती धातुओं की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला है। सरकार के इस फैसले का असर सीधे सर्राफा बाजार और MCX पर दिखाई दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ी हुई ड्यूटी के कारण आने वाले समय में भी कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती हैं।
सोना पहुंचा रिकॉर्ड स्तर के करीब
MCX पर सोने की कीमत 1.62 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के ऊपर पहुंच गई। कई शहरों में 24 कैरेट सोने का रेट 1,62,000 रुपये से ज्यादा दर्ज किया गया। 22 कैरेट सोना भी 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया। बाजार रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक ही दिन में सोने की कीमतों में 8,000 से 13,000 रुपये तक का उछाल देखा गया।
चांदी ने भी बनाया नया रिकॉर्ड
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी बड़ी तेजी देखने को मिली। MCX पर चांदी करीब 3 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। कुछ शहरों में इसका भाव 3,10,000 रुपये प्रति किलो तक दर्ज किया गया। एक दिन में चांदी के दाम करीब 16,000 से 20,000 रुपये तक बढ़ गए।
क्यों बढ़ाई गई इंपोर्ट ड्यूटी?
सरकार का कहना है कि सोना और चांदी का आयात लगातार बढ़ रहा था, जिससे देश पर विदेशी मुद्रा का दबाव बढ़ रहा था। पश्चिम एशिया में तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण डॉलर की मांग भी बढ़ी है। ऐसे में सरकार ने गैर-जरूरी आयात कम करने और विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए यह फैसला लिया है।
बाजार और निवेशकों पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ी हुई ड्यूटी से ज्वेलरी की कीमतें और महंगी हो सकती हैं। कई ज्वेलरी कंपनियों ने अपने रेट बढ़ा दिए हैं। वहीं निवेशकों का रुझान भी तेजी से सोना और चांदी की ओर बढ़ रहा है। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि ज्यादा कीमतों के कारण आम ग्राहकों की खरीदारी पर असर पड़ सकता है और स्मगलिंग बढ़ने का खतरा भी पैदा हो सकता है।
