अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें पहली बार $4,000 प्रति औंस के स्तर को पार कर गई हैं। इसी बीच घरेलू फ्यूचर्स बाजार में सोने की कीमतें 122,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड उच्च स्तर तक पहुँच गई हैं। मंगलवार को दिल्ली सराफा बाजार में सोने की कीमतें 124,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुँच गईं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के फ्यूचर्स 122,180 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहे थे।
सोने की बढ़ती मांग के कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा संभावित ब्याज दर में कटौती की अटकलों ने सोने की मांग बढ़ा दी है। अक्टूबर माह में सोने की कीमतों में 4,915 रुपये का उछाल आया, जिससे निवेशकों को 4% से अधिक का रिटर्न मिला। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि यह बढ़त जारी रही, तो दीवाली तक सोने की कीमत 125,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती है।
चांदी की कीमतों में भी तेजी
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी वृद्धि देखी गई है। MCX पर चांदी 147,460 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी और वाणिज्यिक सत्र के दौरान यह 147,521 रुपये तक पहुंच गई। अक्टूबर माह में चांदी की कीमतों में 5,315 रुपये का इजाफा हुआ, जो 3.74% का उछाल दर्शाता है।
अंतरराष्ट्रीय फ्यूचर्स और स्पॉट कीमतें
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के फ्यूचर्स $4,043.50 प्रति औंस के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुँच गए हैं। पिछले साल के अंत में यह कीमत $2,641 प्रति औंस थी, यानी इस साल सोने की कीमत में 53% से अधिक का इजाफा हुआ है। सोने की स्पॉट कीमतें भी $4,021.53 प्रति औंस के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुँच गई हैं।
निवेशकों की बढ़ती रुचि
विशेषज्ञों के अनुसार आर्थिक अनिश्चितता के समय निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में देख रहे हैं। कम ब्याज दरें, कमजोर अमेरिकी डॉलर और केंद्रीय बैंकों द्वारा खरीदी ने मांग को और तेज किया है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार, इस साल वैश्विक सोने की मांग रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई है। ETF में निवेश $64 बिलियन तक पहुँच गया, जिसमें केवल सितंबर में $17.3 बिलियन का इजाफा हुआ।
केंद्रीय बैंकों की भूमिका
चीन के केंद्रीय बैंक ने भी अपने सोने के भंडार में वृद्धि की है। पीपल्स बैंक ऑफ चाइना के अनुसार, चीन के पास सितंबर के अंत में 74.06 मिलियन फाइन ट्राय औंस सोना था, जो एक महीने पहले 74.02 मिलियन औंस था।
सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी ने निवेशकों का ध्यान इस सुरक्षित धातु की ओर खींचा है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव की वजह से सोने की मांग बढ़ती जा रही है, जिससे निवेशकों और केंद्रीय बैंकों दोनों के लिए सोना एक महत्वपूर्ण विकल्प बन गया है। आने वाले महीनों में यदि यह रुझान जारी रहता है, तो सोने की कीमतें और भी उच्च स्तर पर जा सकती हैं।
