पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव-कम-वित्त आयुक्त (राजस्व) श्री अनुराग वर्मा ने शनिवार को फिरोज़पुर और फ़ाज़िल्का ज़िलों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति का जायज़ा लिया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि हर प्रभावित परिवार तक राहत पहुँचनी चाहिए और किसी को भी दिक़्क़त न हो।
3 लाख एकड़ ज़मीन और सवा लाख लोग प्रभावित
फिरोज़पुर ज़िले में सतलुज नदी के किनारे बसे गाँवों का निरीक्षण करते हुए वर्मा ने बताया कि भारी वर्षा और बाढ़ की वजह से पंजाब में लगभग 3 लाख एकड़ ज़मीन डूब चुकी है। अब तक करीब सवा लाख लोग बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। इस अवसर पर उनके साथ डिविज़नल कमिश्नर अरुण सेखड़ी, डिप्टी कमिश्नर दीपशिखा शर्मा, एसएसपी भूपिंदर सिंह सिद्धू और एडीसी दमनजीत सिंह मान मौजूद रहे।
सरकार ने दिलाया आश्वासन – मिलेगा उचित मुआवज़ा
वित्त आयुक्त राजस्व ने ग्रामीणों और प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत कर नुकसान का आकलन किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशों पर पहले ही विशेष गिरदावरी करवाने का आदेश जारी हो चुका है। फसलों के नुकसान का सही आंकड़ा जुटाकर किसानों को उचित मुआवज़ा दिया जाएगा।
फिरोज़पुर: 107 गाँव प्रभावित, 45,000 लोग बाढ़ की मार झेल रहे
वर्मा ने बताया कि केवल फिरोज़पुर ज़िले में 107 गाँव प्रभावित हैं और लगभग 45,000 लोग सीधे तौर पर बाढ़ की मार झेल रहे हैं। इनमें से कई को ज़िला प्रशासन द्वारा स्थापित आठ राहत केंद्रों में सुरक्षित रखा गया है। यहाँ उन्हें भोजन, पानी और ज़रूरी सुविधाएँ मुहैया करवाई जा रही हैं।
पानी निकासी और संपर्क बहाली पर ज़ोर
गाँव गट्टी राजोके के ग्रामीणों ने शिकायत की कि पानी की निकासी धीमी है। इस पर वर्मा ने ड्रेनेज विभाग को आदेश दिया कि जेसीबी मशीनों की मदद से पानी का बहाव तेज़ किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क पर पानी आने से कई गाँवों का संपर्क टूट गया है, इसलिए कनेक्टिविटी बहाल करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
3300 से अधिक लोगों का अब तक रेस्क्यू
अधिकारियों ने बताया कि अब तक 3300 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है। एनडीआरएफ और बीएसएफ की टीम लगातार राहत कार्यों में जुटी है। ज़रूरी वस्तुएँ और तिरपाल प्रभावित इलाकों तक पहुँचाई जा रही हैं। वर्मा ने कहा कि सरकार पूरी तरह मुस्तैद है और हर परिस्थिति से निपटने की ठोस योजना तैयार है।
फ़ाज़िल्का में समीक्षा बैठक, राहत कार्य तेज़ करने के निर्देश
फिरोज़पुर के बाद अनुराग वर्मा फ़ाज़िल्का पहुँचे और एसडीएम कार्यालय जलालाबाद में समीक्षा बैठक की। उन्होंने डिप्टी कमिश्नर व अधिकारियों को आदेश दिया कि राहत कार्यों में कोई कमी न रहे और हर ज़रूरतमंद तक मदद पहुँचे। उन्होंने कहा कि राहत फंड की कोई कमी नहीं है और ड्रेनेज विभाग को सतलुज क्रीक के बाँध व ड्रेनों पर लगातार निगरानी रखने को कहा।
सरकार की प्राथमिकता – हर प्रभावित तक पहुँचे मदद
वर्मा ने साफ़ किया कि राहत शिविरों में पहुँचे लोगों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो। प्रभावित परिवारों की सही पहचान कर उन्हें ज़रूरी सामग्री उपलब्ध कराना प्रशासन की ज़िम्मेदारी है। बैठक में डिप्टी कमिश्नर अमरप्रीत कौर संधू, एडीसी डॉ. मनदीप कौर, एसडीएम कृष्ण पाल राजपूत, कमरजीत सिंह मान और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
