भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई ‘सरकार तुहाड़े द्वार योजना’ योजना आम जनता को सरकारी सेवाएं उनके घर के नजदीक उपलब्ध कराने की एक महत्वाकांक्षी पहल है। इस योजना का उद्देश्य लोगों को दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत देना और प्रशासन को सीधे गांवों और मोहल्लों तक पहुंचाना है।
इस पहल के तहत राज्य के विभिन्न जिलों में विशेष शिविरों का आयोजन किया जाता है, जहां नागरिकों को एक ही स्थान पर कई सरकारी सेवाएं प्रदान की जाती हैं। जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, वृद्धावस्था पेंशन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का पंजीकरण, बिजली-पानी संबंधी शिकायतें और अन्य आवश्यक सेवाएं इन शिविरों में तुरंत उपलब्ध कराई जाती हैं। इससे लोगों का समय और पैसा दोनों बचता है।
‘सरकार तुहाड़े द्वार योजना’ ने प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को भी मजबूत किया है। अधिकारी स्वयं गांवों और वार्डों में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनते हैं और मौके पर समाधान सुनिश्चित करते हैं। इससे सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था को और सशक्त बनाता है।
इस पहल का विशेष लाभ बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगजनों को मिला है, जिन्हें पहले छोटी-छोटी सरकारी प्रक्रियाओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। अब वे अपने ही क्षेत्र में शिविरों के माध्यम से सेवाओं का लाभ उठा पा रहे हैं।
‘आप की सरकार, आपके द्वार’ योजना प्रशासन को जनकेंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल न केवल सेवा वितरण को सरल बना रही है, बल्कि यह संदेश भी दे रही है कि सरकार वास्तव में जनता के द्वार पर खड़ी है।
