पंजाब में नशों के खिलाफ चल रही मुहिम को लेकर कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ETO ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि नशा तस्करों के पास अब दो ही विकल्प हैं – या तो वे पंजाब छोड़ दें या फिर नशे का धंधा बंद कर दें। सरकार इस अभियान को हर हाल में सफल बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
गांवों में दिख रहा सकारात्मक असर
मंत्री ने बताया कि ‘नशों के खिलाफ जंग’ अभियान का असर अब जमीनी स्तर पर साफ दिखाई दे रहा है। कई गांवों में नशा कम हुआ है और लोग खुद आगे आकर इस बदलाव की पुष्टि कर रहे हैं। गांवों के लोग इस मुहिम से खुश हैं और सरकार के प्रयासों की सराहना कर रहे हैं।
नशा मुक्ति केंद्र निभा रहे अहम भूमिका
सरकार सिर्फ कार्रवाई ही नहीं कर रही, बल्कि नशे के शिकार लोगों के इलाज पर भी पूरा ध्यान दिया जा रहा है। नशा मुक्ति केंद्र सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं और पीड़ितों को सही इलाज व पुनर्वास की सुविधा दी जा रही है। मंत्री ने कहा कि नशा पीड़ितों को नई जिंदगी देना सरकार की जिम्मेदारी है।
VDC समितियों से मजबूत हुई निगरानी
इस अभियान में गांव रक्षा समितियों (VDC) की अहम भूमिका सामने आई है। राज्य में VDC की संख्या बढ़कर 12,000 हो गई है, जिनमें करीब 1.25 लाख सदस्य जुड़े हैं। इन सदस्यों ने अब तक 3,057 मामलों की जानकारी दी है, जिन पर तेजी से कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सरकार का स्पष्ट संकल्प
1 मार्च 2025 से शुरू हुए इस अभियान में सरकार, पुलिस और आम जनता मिलकर काम कर रहे हैं। मंत्री हरभजन सिंह ETO ने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से बहुत जल्द पंजाब को नशा-मुक्त बनाया जाएगा।
