देश में ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार यूपीए दौर की प्रमुख योजना मनरेगा (MGNREGA) को समाप्त कर उसकी जगह एक नया कानून लाने की तैयारी में है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान यह नया बिल लोकसभा में पेश करेंगे। इस प्रस्तावित कानून का नाम है Viksit Bharat – Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin) यानी VB-G RAM G।
क्या है VB-G RAM G बिल
नए बिल के तहत हर ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के वेतनयुक्त रोजगार की कानूनी गारंटी दी जाएगी। यह रोजगार उन परिवारों को मिलेगा जिनके वयस्क सदस्य बिना किसी विशेष कौशल के शारीरिक काम करने के लिए तैयार हों। बिल लागू होने के छह महीने के भीतर राज्यों को इसके प्रावधानों के अनुसार अपनी योजनाएं बनानी होंगी। सरकार का कहना है कि यह कानून “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
रोजगार के दिनों में बड़ा अंतर
जहां मनरेगा में 100 दिनों के रोजगार की गारंटी थी, वहीं नए बिल में इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। इससे ग्रामीण मजदूरों को साल भर अधिक समय तक काम और आय मिलने की उम्मीद है।
फंडिंग का नया ढांचा
मनरेगा में अकुशल मजदूरी की पूरी लागत केंद्र उठाता था और सामग्री लागत में राज्यों की हिस्सेदारी रहती थी।
VB-G RAM G में केंद्र और राज्य मिलकर खर्च उठाएंगे।
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पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों में 90% केंद्र और 10% राज्य
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अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 60% केंद्र और 40% राज्य का योगदान होगा
खेती के मौसम में 60 दिन का ब्रेक
नई योजना में एक अहम बदलाव यह है कि खेती के पीक सीजन में 60 दिनों के लिए रोजगार कार्य रोका जा सकता है, ताकि खेतों में मजदूरों की कमी न हो। इस दौरान इस कानून के तहत कोई काम नहीं कराया जाएगा।
चार प्राथमिक क्षेत्रों पर फोकस
नया कानून रोजगार को बिखरे हुए कामों की जगह चार मुख्य क्षेत्रों पर केंद्रित करता है:
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पानी से जुड़े कार्य और जल सुरक्षा
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ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर
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आजीविका से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर
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जलवायु और खराब मौसम से निपटने के उपाय
ग्राम पंचायतों द्वारा बनाए गए विकसित ग्राम पंचायत प्लान को राष्ट्रीय योजनाओं जैसे PM गति-शक्ति से जोड़ा जाएगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को क्या फायदा
इस योजना से उत्पादक संपत्तियां बनेंगी, जैसे सड़कें, जल संरचनाएं, भंडारण और बाजार सुविधाएं। इससे गांवों की बाजार तक पहुंच बढ़ेगी, आय के नए स्रोत बनेंगे और पलायन में कमी आएगी।
मजदूरों के लिए क्या बदलेगा
मजदूरों को ज्यादा दिनों तक काम मिलेगा, पूरी तरह डिजिटल और आधार-आधारित भुगतान होगा, जिससे मजदूरी की चोरी रुकेगी। अगर समय पर काम नहीं मिला तो राज्यों को बेरोजगारी भत्ता देना होगा। बेहतर सड़क, पानी और आजीविका से जुड़े संसाधन मजदूरों की जीवनशैली में सुधार लाएंगे।
मनरेगा को बदलने की जरूरत क्यों
सरकार का तर्क है कि 2005 के बाद ग्रामीण भारत में बड़ा बदलाव आया है। गरीबी दर में कमी, बेहतर कनेक्टिविटी, डिजिटल पहुंच और विविध आजीविकाओं के कारण पुराना ढांचा अब पर्याप्त नहीं था। VB-G RAM G को इसी बदलाव के अनुरूप एक आधुनिक और केंद्रित कानून बताया जा रहा है।
पारदर्शिता और निगरानी
नए बिल में AI से धोखाधड़ी की पहचान, GPS और मोबाइल के जरिए काम की निगरानी, और रियल-टाइम डैशबोर्ड जैसी व्यवस्थाएं होंगी। इससे योजना की पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने का दावा किया गया है।
