पंजाब सरकार राज्य की सांस्कृतिक विरासत और पशुधन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए माघी के पावन अवसर पर श्री मुक्तसर साहिब में विशाल पारंपरिक पशु एवं घोड़ा मेला ‘घोड़ा मंडी’ आयोजित कर रही है। इस आयोजन की जानकारी देते हुए पशुपालन, डेयरी विकास एवं मत्स्य पालन मंत्री सरदार गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि यह मेला पंजाब की समृद्ध ग्रामीण परंपराओं का जीवंत उदाहरण होगा।
70 एकड़ में फैली विशाल मंडी
पशुपालन मंत्री ने बताया कि यह भव्य घोड़ा मंडी श्री मुक्तसर साहिब के लंबी ढाब क्षेत्र में स्थित औद्योगिक फोकल प्वाइंट में लगाई गई है, जो करीब 70 एकड़ क्षेत्र में फैली हुई है। इस मेले में पंजाब ही नहीं, बल्कि आसपास के इलाकों से भी बड़ी संख्या में पशुपालक, ब्रीडर, व्यापारी और पशु प्रेमी पहुंचने की उम्मीद है।
घोड़ों और पशुओं की शानदार प्रदर्शनी
घोड़ा मंडी के दौरान घोड़ों का आकर्षक और भव्य प्रदर्शन किया जाएगा, जो पंजाब की पारंपरिक शान को दर्शाएगा। मेले में मारवाड़ी, नुकरा जैसी प्रसिद्ध नस्लों के घोड़े देखने को मिलेंगे। इसके अलावा अन्य दुर्लभ और उम्दा किस्म के पशु भी प्रदर्शित किए जाएंगे। साथ ही पशुपालन से जुड़ी आधुनिक और बेहतर कार्यप्रणालियों की जानकारी भी लोगों को दी जाएगी।
पशुओं की सेहत के लिए खास इंतजाम
मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार पशुधन के कल्याण और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी के तहत घोड़ा मंडी में पशुओं की देखभाल के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मेला परिसर में एक अस्थायी वेटरनरी डिस्पेंसरी स्थापित की गई है।
24 घंटे तैनात रहेगी वेटरनरी टीम
उन्होंने बताया कि श्री मुक्तसर साहिब के पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. गुरदित्त सिंह के नेतृत्व में 40 सदस्यीय विशेष वेटरनरी टीम को मेला स्थल पर तैनात किया गया है। यह टीम 24 घंटे पशुओं को इलाज की सुविधा देगी और किसी भी बीमारी के फैलाव पर सख्त नजर रखेगी। मंत्री ने कहा कि घोड़ा मंडी सिर्फ एक बाजार नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और आत्मा का हिस्सा है।
पशुपालकों में जबरदस्त उत्साह
घोड़ा मंडी को लेकर पशुपालकों और पशु प्रेमियों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। मंत्री ने बताया कि कई पशुपालक अपने पशुओं के साथ पहले ही मेला स्थल पर पहुंच चुके हैं। उम्मीद है कि इस बार हजारों की संख्या में पशु इस मंडी में आएंगे, जो पंजाब के तेजी से विकसित होते पशुधन क्षेत्र को दर्शाता है।
स्वस्थ पशु लाने की अपील
पशुपालन मंत्री ने पशुपालकों से अपील की कि वे मेले में केवल स्वस्थ पशु ही लेकर आएं। यदि किसी पशु में बीमारी के लक्षण दिखाई दें, तो उसे मंडी में लाने से पहले अपने नजदीकी पशु चिकित्सक से सलाह जरूर लें।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
इस मौके पर पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव राहुल भंडारी ने कहा कि घोड़ा मंडी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने, व्यापार को बढ़ावा देने और लोगों को एक यादगार सांस्कृतिक अनुभव देने का बेहतरीन अवसर साबित होगी।
