पंजाब सरकार ने राज्य में सड़क infrastructure को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर काम शुरू किया है। कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ETO के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में करीब 45,000 किलोमीटर सड़कों से जुड़ा काम चल रहा है। सरकार इसे पंजाब के अब तक के बड़े सड़क प्रोजेक्ट्स में से एक बता रही है।
कोटभारा-रामगढ़ सड़क को लेकर विवाद
बठिंडा जिले के गांव कोटभारा से रामगढ़ तक बन रही सड़क का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हुआ। अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया ने वीडियो के जरिए सरकार की सड़क व्यवस्था पर सवाल उठाए थे।
मंत्री ने बताई अपनी सरकार की तरफ से स्थिति
हरभजन ETO ने इन आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि सड़क का काम उस समय पूरा नहीं हुआ था, जब वीडियो बनाया गया। मंत्री का आरोप है कि गांव के अकाली दल से जुड़े पूर्व सरपंच ने निर्माण पूरा होने से पहले मौके पर पहुंचकर वीडियो बनाया और सड़क के काम में भी कथित तौर पर दखल दिया।
‘सड़क में कमी है तो मौके पर आकर दिखाएं’
कैबिनेट मंत्री ने हरसिमरत बादल और बिक्रम मजीठिया को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर सड़क की गुणवत्ता पर सवाल है तो वे खुद मौके पर पहुंचकर इसे जांच सकते हैं। ETO ने कहा कि अगर सड़क की गुणवत्ता में कोई कमी सामने आती है तो ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
18 और 19 तारीख का दिया हवाला
हरभजन ETO ने कहा कि सड़क का निर्माण 18 तारीख को हुआ था और अगले ही दिन 19 तारीख को उसका वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया गया। उनका कहना है कि काम पूरा होने से पहले की तस्वीर के आधार पर सरकार पर सवाल उठाना सही नहीं है।
मंत्री ने विपक्षी नेताओं से कहा कि वे उनके द्वारा दी गई चुनौती स्वीकार करें और यदि आरोप सही साबित न हों तो सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस राजनीति से ज्यादा पंजाब में सड़क और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर है।
