पंजाब के कैबिनेट मंत्री Harbhajan Singh ETO ने न्यायपालिका की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि न्याय की उम्मीद तभी होती है, जब पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष हो।
निष्पक्षता पर उठाए सवाल
मंत्री ने कहा कि जब मामला बीजेपी सरकार से जुड़ा हो, सुनवाई जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के सामने हो रही हो और सरकारी वकील भी उसी पैनल से जुड़े हों, तो निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में लोगों के मन में संदेह पैदा होना लाजमी है।
केजरीवाल के फैसले का समर्थन
हरभजन सिंह ETO ने Arvind Kejriwal के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने महात्मा गांधी के सत्याग्रह के रास्ते को चुना है। यह फैसला उनके सिद्धांतों और अंतरात्मा की आवाज को दर्शाता है।
अदालत में पेश न होने का निर्णय
मंत्री ने बताया कि केजरीवाल ने तय किया है कि वह न तो खुद अदालत में पेश होंगे और न ही उनकी ओर से कोई वकील पेश होगा। उनका मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में यह कदम ही सही रास्ता है।
केजरीवाल का पक्ष
केजरीवाल ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने पूरी विनम्रता और न्यायपालिका के प्रति सम्मान रखते हुए जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को पत्र लिखा है। उन्होंने बताया कि गांधीवादी सिद्धांत ‘सत्याग्रह’ को अपनाते हुए वह इस केस में उनके कोर्ट में आगे पेश नहीं होंगे।
अदालत में पेश न होने का कारण
केजरीवाल का कहना है कि उन्होंने यह निर्णय इसलिए लिया क्योंकि उन्हें लगा कि कोर्ट में चल रही सुनवाई उस बुनियादी सिद्धांत को पूरा नहीं करती, जिसमें न्याय का दिखना भी उतना ही जरूरी है जितना उसका होना।
