दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने शुक्रवार (12 सितंबर) को राजधानीवासियों को आश्वस्त किया कि एच3एन2 फ्लू को लेकर किसी तरह की घबराहट की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि यह सिर्फ एक मौसमी वायरल संक्रमण है, जो गंभीर नहीं है। समय पर इलाज और थोड़े आराम से मरीज ठीक हो सकते हैं।
सरकार पूरी तरह अलर्ट पर
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार और स्वास्थ्य विभाग लगातार हालात पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि “एच3एन2 फ्लू से डरने की नहीं बल्कि सावधान रहने की जरूरत है। यह वही है जैसा अन्य सीजनल फ्लू होता है।”
अस्पतालों में पुख्ता इंतजाम
मंत्री पंकज सिंह ने जानकारी दी कि दिल्ली के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है। मरीजों की जांच से लेकर दवाइयों और बेड की पर्याप्त व्यवस्था कर दी गई है। इसके अलावा डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को खास दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं ताकि किसी भी मरीज को परेशानी का सामना न करना पड़े।
लक्षण दिखें तो तुरंत जांच कराएं
मंत्री ने जनता से अपील की कि अगर किसी को तेज बुखार, लगातार खांसी या सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो तो तुरंत नजदीकी अस्पताल जाकर जांच कराएं। उन्होंने कहा कि अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराने की बजाय सतर्क रहें।
रोकथाम के उपाय बताए
स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से नियमित हाथ धोने, भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनने और संतुलित खानपान अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि फ्लू से बचाव के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता और सावधानी बेहद जरूरी है। खासतौर पर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की आवश्यकता है।
क्या है एच3एन2 फ्लू?
एच3एन2 फ्लू एक तरह का इन्फ्लुएंजा ए वायरस है, जो सांस से जुड़ी बीमारी फैलाता है। यह खांसी, छींक या बात करने से निकलने वाली बूंदों के जरिए एक व्यक्ति से दूसरे तक फैलता है। बुखार, खांसी, गले में खराश, बदन दर्द और थकान इसके मुख्य लक्षण माने जाते हैं।
कौन ज्यादा खतरे में?
यह फ्लू सामान्य लोगों के लिए गंभीर नहीं है, लेकिन छोटे बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार या कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए यह ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए इस श्रेणी के लोगों को और अधिक सावधानी बरतनी चाहिए।
कैसे करें बचाव?
इस वायरस से बचने के लिए लोगों को भीड़भाड़ से बचना चाहिए, बार-बार हाथ धोना चाहिए और दूसरों से पर्याप्त दूरी बनाए रखनी चाहिए। मास्क पहनना और जरूरत पड़ने पर फ्लू की वैक्सीन लेना भी मददगार हो सकता है।
घबराएं नहीं, सावधान रहें
दिल्ली सरकार का स्पष्ट संदेश है कि यह बीमारी गंभीर नहीं है और इसका इलाज संभव है। घबराने की बजाय सतर्क रहकर और कुछ जरूरी नियमों का पालन करके इसे रोका जा सकता है। पंकज सिंह ने कहा कि “दिल्लीवासी बेफिक्र रहें, सरकार और स्वास्थ्य विभाग पूरी तैयारी के साथ आपके साथ खड़ा है।”
