सिगरेट पर केंद्र सरकार की नई एक्साइज ड्यूटी का असर शेयर बाजार में साफ नजर आने लगा है। इसका सबसे बड़ा झटका एफएमसीजी और सिगरेट बनाने वाली दिग्गज कंपनी ITC को लगा है। नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही ITC के शेयरों में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली, जिससे कंपनी के निवेशकों में हड़कंप मच गया।
दो दिनों में 14 फीसदी की गिरावट
2 जनवरी को ITC के शेयर करीब 5 फीसदी टूटकर 345.25 रुपये के स्तर पर पहुंच गए, जो इसका 52 हफ्तों का नया निचला स्तर है। हालांकि बाद में शेयर में थोड़ी रिकवरी जरूर आई, लेकिन शुरुआती दो ट्रेडिंग सेशन में ही ITC का शेयर 14 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है। इतनी तेज गिरावट ने बाजार को चौंका दिया है।
LIC पर पड़ा सीधा असर
ITC के शेयरों में आई गिरावट का सीधा असर लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) के निवेश पर पड़ा है। शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार ITC की पूरी हिस्सेदारी पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास है और कंपनी का कोई प्रमोटर नहीं है। LIC अकेले ITC में 15.86 फीसदी की हिस्सेदारी रखती है, जिससे वह कंपनी की सबसे बड़ी निवेशक बन जाती है।
11,468 करोड़ रुपये का कागजी नुकसान
शेयरों में भारी गिरावट के कारण LIC को करीब 11,468 करोड़ रुपये का कागजी नुकसान हुआ है। 31 दिसंबर को ITC में LIC की हिस्सेदारी की कुल वैल्यू करीब 80,028 करोड़ रुपये थी, जो अब घटकर लगभग 68,560 करोड़ रुपये रह गई है। यह आंकड़ा LIC के पोर्टफोलियो के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
अन्य सरकारी कंपनियों को भी नुकसान
सिर्फ LIC ही नहीं, बल्कि अन्य सरकारी बीमा कंपनियों को भी नुकसान उठाना पड़ा है। जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (GIC) के पास ITC में 1.73 फीसदी और न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी के पास 1.4 फीसदी हिस्सेदारी है। ITC के शेयरों की बिकवाली से इन तीनों सरकारी बीमा कंपनियों के पोर्टफोलियो से सिर्फ दो दिनों में करीब 13,740 करोड़ रुपये की वैल्यू कम हो गई है।
यह नुकसान अभी सिर्फ कागजी है
यह समझना जरूरी है कि यह नुकसान अभी नॉशनल या कागजी है। जब तक बीमा कंपनियां अपने शेयर मौजूदा निचले स्तर पर बेच नहीं देतीं, तब तक इसे वास्तविक नुकसान नहीं माना जाएगा। शेयरों में भविष्य में सुधार होने पर यह घाटा कम भी हो सकता है।
ITC के मार्केट कैप पर बड़ा असर
ITC के शेयर 2 जनवरी को करीब 4 फीसदी गिरकर 350.10 रुपये पर बंद हुए। बीते पांच दिनों में शेयर 13 फीसदी और पिछले छह महीनों में 15 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है। इस गिरावट के चलते सिर्फ दो दिनों में ITC के मार्केट कैप से लगभग 72,000 करोड़ रुपये साफ हो गए हैं। फिलहाल कंपनी का मार्केट कैप करीब 4.38 लाख करोड़ रुपये रह गया है।
निवेशकों की बढ़ी चिंता
तेज गिरावट के बाद निवेशकों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में ITC के शेयरों में स्थिरता आती है या नहीं। नई टैक्स नीति और बाजार की चाल तय करेगी कि आगे यह शेयर किस दिशा में जाता है।
