अगर आप किसी दूसरे शहर या राज्य में शिफ्ट हो रहे हैं, तो नया एलपीजी कनेक्शन लेने की जरूरत नहीं होती। इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस जैसी कंपनियां मौजूदा कनेक्शन को नए पते पर ट्रांसफर करने की सुविधा देती हैं। इससे उपभोक्ताओं का समय और पैसा दोनों बचता है। ट्रांसफर की प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से पूरी की जा सकती है।
सबसे पहले करें पता अपडेट
घर बदलने के बाद सबसे पहले अपने गैस डिस्ट्रीब्यूटर को नए पते की जानकारी देनी होती है। इसके लिए आधार कार्ड, पहचान पत्र और नए पते का प्रमाण जैसे दस्तावेज जमा करने पड़ सकते हैं। कई गैस कंपनियां अपनी वेबसाइट और मोबाइल ऐप के जरिए भी पता बदलने की सुविधा देती हैं।
दूसरे शहर में ऐसे होगा कनेक्शन ट्रांसफर
यदि आप किसी दूसरे शहर जा रहे हैं, तो मौजूदा गैस एजेंसी से ट्रांसफर दस्तावेज (Transfer Voucher) प्राप्त करना होता है। इसके बाद नए शहर की अधिकृत गैस एजेंसी में वही दस्तावेज जमा करके कनेक्शन दोबारा सक्रिय कराया जा सकता है। इस प्रक्रिया के बाद उपभोक्ता उसी कनेक्शन पर नए पते से गैस सिलेंडर बुक करा सकता है।
सिलेंडर और रेगुलेटर का रखें ध्यान
कई मामलों में ट्रांसफर के दौरान खाली सिलेंडर और रेगुलेटर वापस जमा कराने की प्रक्रिया अपनाई जाती है। यदि उपभोक्ता इन्हें अपने साथ ले जाना चाहता है, तो संबंधित गैस एजेंसी के नियमों के अनुसार प्रक्रिया पूरी करनी होती है। अलग-अलग कंपनियों और स्थानों के हिसाब से इसमें थोड़ा अंतर हो सकता है।
ऑनलाइन भी हो सकता है काम आसान
आज अधिकांश गैस कंपनियां ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। उपभोक्ता अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉगिन कर पता बदलने, ट्रांसफर अनुरोध भेजने और आवेदन की स्थिति देखने जैसी सुविधाओं का लाभ ले सकते हैं। इससे एजेंसी के बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत कम हो जाती है।
PNG वाले उपभोक्ताओं के लिए नया नियम
सरकार ने 2026 में नियमों में बदलाव करते हुए कहा है कि जिन उपभोक्ताओं को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का नया कनेक्शन मिल जाता है, उन्हें निर्धारित समय के भीतर अपने एलपीजी कनेक्शन को बंद कराने के लिए आवेदन करना होगा। इस बदलाव का उद्देश्य गैस वितरण व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाना और एक ही घर में दोहरी घरेलू गैस व्यवस्था को कम करना है।
