अगर आपका किसी भी बैंक में खाता है और आपने अभी तक KYC (Know Your Customer) अपडेट नहीं कराया है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। Reserve Bank of India (RBI) ने अपनी हालिया रिपोर्ट में साफ कहा है कि KYC अपडेट में बढ़ता बैकलॉग और लापरवाही बैंकों की फ्रॉड रोकने की क्षमता को कमजोर कर रही है। खासकर गांवों और छोटे शहरों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिल रही है, जहां लोग KYC को नजरअंदाज कर देते हैं या किसी कारण से अपडेट नहीं करा पाते।
गांव और छोटे शहरों में ज्यादा जोखिम
RBI के मुताबिक, ग्रामीण इलाकों और टियर-2 व टियर-3 शहरों में कई बैंक खातों की KYC लंबे समय से अपडेट नहीं हुई है। ऐसे खाते साइबर ठगों के लिए आसान निशाना बन जाते हैं। कई बार लोगों को यह भी पता नहीं होता कि बिना अपडेटेड KYC के उनका खाता फ्रॉड के लिए इस्तेमाल हो सकता है। इसी वजह से RBI ने इसे बैंकिंग सिस्टम के लिए गंभीर खतरा बताया है।
KYC नहीं हुई तो बढ़ेंगी फ्रॉड की घटनाएं
केंद्रीय बैंक ने बैंकों को चेतावनी दी है कि अगर KYC अपडेट का काम तेजी से पूरा नहीं किया गया, तो आने वाले समय में फ्रॉड के मामले और बढ़ सकते हैं। RBI ने निर्देश दिया है कि छोटी शाखाओं पर खास फोकस किया जाए और KYC अपडेट के लिए कैंप लगाए जाएं। साथ ही बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने को भी कहा गया है, ताकि लोग समय रहते अपने दस्तावेज अपडेट करा सकें।
पहले भी चल चुकी है देशव्यापी री-KYC ड्राइव
RBI की ओर से जुलाई से अक्टूबर 2025 के बीच ग्राम पंचायत स्तर पर देशभर में री-KYC ड्राइव चलाई गई थी। इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों के बैंक खातों को सुरक्षित बनाना था। इसके बावजूद कई जगहों पर अब भी KYC पेंडिंग है, जिसे लेकर RBI ने चिंता जताई है।
अकाउंट रिजेक्ट करने पर भी RBI सख्त
RBI ने बैंकों को यह भी साफ निर्देश दिए हैं कि KYC अपडेट या नया अकाउंट खोलने की एप्लिकेशन को बिना वजह मैकेनिकल तरीके से रिजेक्ट न किया जाए। अगर किसी आवेदन को खारिज किया जाता है, तो उसका ठोस कारण और रिकॉर्ड होना जरूरी है। बिना सोचे-समझे रिजेक्शन से ग्राहकों को परेशानी होती है और बैंकिंग सिस्टम पर भरोसा कम होता है।
डिजिटल फ्रॉड अब ज्यादा स्मार्ट
रिपोर्ट में कहा गया है कि साइबर और ऑपरेशनल फ्रॉड अब पहले से ज्यादा स्मार्ट और डिजिटल हो चुके हैं, जो देश की वित्तीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। इसी को देखते हुए RBI गृह मंत्रालय और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर डिजिटल फ्रॉड रोकने के लिए कदम उठा रहा है।
AI टूल और मोबाइल नंबर लिस्ट से मिलेगी मदद
डिजिटल फ्रॉड से निपटने के लिए RBI ने दो बड़े AI टूल लॉन्च किए हैं। इसके अलावा बैंकों को टेलीकॉम डिपार्टमेंट की मोबाइल नंबर रिवोकेशन लिस्ट से अपने कस्टमर डेटाबेस को अपडेट करने को कहा गया है। इससे फर्जी कॉल और SMS के जरिए होने वाले फ्रॉड पर रोक लग सकेगी।
मिस-सेलिंग पर भी आएंगी नई गाइडलाइंस
RBI ने गलत तरीके से प्रोडक्ट बेचने यानी मिस-सेलिंग को भी बड़ा जोखिम बताया है। इसके लिए जल्द ही एडवरटाइजिंग, मार्केटिंग और सेल्स से जुड़ी नई गाइडलाइंस जारी की जाएंगी। साथ ही बैंकों को अपने इंटरनल कंट्रोल मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि ग्राहकों का पैसा और भरोसा दोनों सुरक्षित रह सकें।
