किसान आंदोलन के दौरान एक बुजुर्ग महिला पर टिप्पणी करने के मामले में अभिनेत्री कंगना रनौत सोमवार को बठिंडा की अदालत में पेश हुईं। इस दौरान उन्होंने अदालत में और बाद में मीडिया के सामने बेबे महिंदर कौर से माफी मांगी। कंगना ने कहा, “अगर मेरी किसी बात से किसी को ठेस पहुंची है, तो मैं दिल से माफी मांगती हूं।”
“गलतफहमी के कारण हुआ विवाद” – कंगना रनौत
अदालत से बाहर निकलने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कंगना ने कहा कि यह पूरा मामला गलतफहमी का परिणाम है। उन्होंने कहा, “मैंने उस माता जी (बुजुर्ग किसान महिला) को संदेश दिया है कि शायद वह गलतफहमी का शिकार हो गईं। मैं अपने सपनों में भी किसी का अपमान करने की सोच नहीं सकती। मां चाहे हिमाचल की हो या पंजाब की, मेरे लिए सब आदरणीय हैं।”
कंगना ने आगे कहा कि जिस ट्वीट को लेकर विवाद हुआ, वह उनका खुद का नहीं था। उन्होंने बताया कि उन्होंने किसी वकील की पोस्ट को रीट्वीट किया था, और उस वक्त देश में कई आंदोलन चल रहे थे। उन्होंने कहा कि उनका ट्वीट किसी व्यक्ति विशेष पर नहीं था, बल्कि एक आम टिप्पणी थी।
“मेरा इरादा किसी को आहत करने का नहीं था”
कंगना ने साफ कहा कि उनका किसी का दिल दुखाने का इरादा नहीं था। उन्होंने कहा, “अगर किसी को मेरी वजह से ठेस पहुंची है, तो मुझे इसका अफसोस है। यह सब एक गलतफहमी के कारण हुआ।” अभिनेत्री ने भरोसा जताया कि अदालत सच्चाई को समझेगी।
क्या था पूरा मामला
दरअसल, किसान आंदोलन के दौरान कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की थी, जिसमें उन्होंने लिखा था कि कुछ महिलाएं “100 रुपये लेकर आंदोलन में शामिल होती हैं।” इस पोस्ट में एक बुजुर्ग महिला की तस्वीर भी थी, जिसके बाद बठिंडा जिले की बेबे महिंदर कौर ने कंगना के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज करवाया था।
यह मामला पिछले कुछ सालों से अदालत में चल रहा था। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने कंगना की याचिका खारिज करते हुए उन्हें बठिंडा की अदालत में पेश होने का आदेश दिया था।
अदालत परिसर में कड़ी सुरक्षा
कंगना रनौत की पेशी को देखते हुए बठिंडा प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए। अदालत परिसर को पुलिस छावनी में बदल दिया गया था। सभी प्रवेश द्वारों पर पुलिसकर्मी तैनात थे और आने-जाने वालों की कड़ी जांच की जा रही थी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तैयारी की गई थी और किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए बल को अलर्ट रखा गया था।
