नई दिल्ली: 18 जनवरी 2026
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल शनिवार को तीन दिन के दौरे पर गुजरात पहुंचे। इस दौरान उन्होंने गुजरात की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, भ्रष्टाचार, भय के माहौल और जनता में बढ़ती असंतुष्टि को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। केजरीवाल ने कहा कि पिछले 30 साल से गुजरात में भाजपा का शासन है, लेकिन इसके बावजूद राज्य की स्थिति बद से बदतर होती चली गई है। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी की रैलियों में उमड़ रही भारी भीड़ इस बात का संकेत है कि गुजरात की जनता अब बदलाव चाहती है।
मीडिया से बातचीत के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि तीन दशकों के लंबे शासन के बाद भी अगर किसी राज्य में भ्रष्टाचार, डर और निराशा का माहौल बना हुआ है, तो यह साफ दर्शाता है कि सरकार पूरी तरह विफल हो चुकी है। उन्होंने कहा, “गुजरात में हर तरफ भ्रष्टाचार फैला हुआ है। आम आदमी डर के साए में जी रहा है। अगर कोई भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाता है, तो उसे पकड़कर जेल में डाल दिया जाता है।”
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने शासन को डर और दबाव का माध्यम बना लिया है। उन्होंने कहा कि गुजरात में आज हालात ऐसे हैं कि आम नागरिक, व्यापारी, युवा और यहां तक कि छोटे कर्मचारी भी खुलकर अपनी बात नहीं रख पाते। सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने वालों को प्रताड़ित किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक स्थिति है।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि गुजरात के लोगों को कांग्रेस से अब कोई उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा, “पिछले कई वर्षों से जनता के मन में यह सवाल था कि भाजपा नहीं तो कौन? कांग्रेस इस सवाल का जवाब देने में पूरी तरह नाकाम रही है। इसलिए गुजरात की जनता अब आम आदमी पार्टी की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रही है।”
केजरीवाल ने दावा किया कि पिछले छह से सात महीनों में गुजरात के उत्तर से लेकर दक्षिण तक और पूरब से लेकर पश्चिम तक आम आदमी पार्टी की रैलियां और सभाएं हो रही हैं, जिनमें जनता की भारी भीड़ उमड़ रही है। उन्होंने कहा कि यह भीड़ किसी दबाव या लालच की वजह से नहीं आ रही है, बल्कि लोग खुद अपने खर्च पर AAP की सभाओं में पहुंच रहे हैं। यह इस बात का सबूत है कि जनता के मन में बदलाव की मजबूत इच्छा पैदा हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के पास न तो बड़े उद्योगपतियों का पैसा है और न ही सत्ता का दुरुपयोग करने की ताकत, इसके बावजूद जनता का समर्थन लगातार बढ़ रहा है। केजरीवाल के मुताबिक, “लोग अपने पैसे खर्च करके हमारी सभाओं में आ रहे हैं। यह जनता की उम्मीद और विश्वास को दर्शाता है।”
गुजरात दौरे के दौरान केजरीवाल ने पार्टी संगठन को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि वे अपने तीन दिन के दौरे में पार्टी के वालेंटियर्स से मुलाकात करेंगे और उनके साथ आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि बूथ लेवल, तालुका लेवल और जिला लेवल पर बड़ी संख्या में नए वालेंटियर्स आम आदमी पार्टी से जुड़ रहे हैं। इन सभी का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा।
केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी राजनीति को सत्ता का साधन नहीं, बल्कि जनता की सेवा का माध्यम मानती है। उन्होंने दिल्ली और पंजाब का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां-जहां AAP को मौका मिला है, वहां शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और पानी जैसे बुनियादी मुद्दों पर ईमानदारी से काम किया गया है। उन्होंने दावा किया कि गुजरात की जनता भी अब इसी तरह की ईमानदार और काम करने वाली सरकार चाहती है।
भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए केजरीवाल ने कहा कि 30 साल के शासन में गुजरात को विकास के नाम पर सिर्फ खोखले दावे मिले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स और प्रचार के पीछे आम आदमी की समस्याओं को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
केजरीवाल ने यह भी कहा कि गुजरात में भय का माहौल बनाकर लोगों को चुप कराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आलोचना से डरती है और इसलिए असहमति की आवाज को दबाया जाता है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी इस डर के माहौल को खत्म करना चाहती है और जनता को बिना भय के जीने का अधिकार दिलाना चाहती है।
अपने संबोधन के दौरान केजरीवाल ने कहा कि गुजरात बदलाव के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि जनता अब यह समझ चुकी है कि सिर्फ एक ही पार्टी को बार-बार सत्ता में रखना लोकतंत्र के लिए नुकसानदेह है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में गुजरात की राजनीति में आम आदमी पार्टी एक मजबूत विकल्प के रूप में उभरेगी।
तीन दिन के इस दौरे को आम आदमी पार्टी गुजरात में संगठन विस्तार और जनसंपर्क के लिहाज से बेहद अहम मान रही है। पार्टी नेताओं के मुताबिक, केजरीवाल का यह दौरा आने वाले चुनावों की तैयारी का एक महत्वपूर्ण कदम है। लगातार बढ़ती रैलियों की भीड़ और नए वालेंटियर्स की भागीदारी ने पार्टी कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भर दिया है।
कुल मिलाकर, अरविंद केजरीवाल का गुजरात दौरा राज्य की राजनीति में हलचल पैदा करता नजर आ रहा है। भाजपा के लंबे शासन से नाराज जनता, कांग्रेस से टूटी उम्मीदें और आम आदमी पार्टी के बढ़ते जनाधार ने यह संकेत दे दिया है कि गुजरात में बदलाव की जमीन तैयार हो चुकी है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह बदलाव किस दिशा में जाता है और गुजरात की राजनीति में क्या नया मोड़ आता है।
