पंजाब सरकार द्वारा नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी शताब्दी को समर्पित कार्यक्रमों के तहत आज श्री आनंदपुर साहिब की पवित्र नगरी में भव्य सर्वधर्म सम्मेलन आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न धर्मों से जुड़े प्रमुख संत और आध्यात्मिक गुरुओं ने भाग लिया। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
देशभर से पहुंचे धर्म गुरुओं का हुआ स्वागत
सम्मेलन में संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने देश के अलग-अलग हिस्सों से आए संत-महात्माओं का दिल से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इतिहास में अनेक वीरों ने अपने धर्म की रक्षा के लिए बलिदान दिए, लेकिन दूसरे धर्म की रक्षा के लिए इतना बड़ा त्याग करने की मिसाल बहुत कम मिलती है। श्री गुरु तेग बहादुर जी ने हिंदू धर्म की रक्षा के लिए अपनी शहादत दी और संपूर्ण मानवता को यह संदेश दिया कि “इंसान पहले इंसान है, उसका धर्म बाद में”।
धर्मों के बीच प्रेम और सम्मान का संदेश
केजरीवाल ने कहा कि इसी संदेश को आगे बढ़ाते हुए यह सर्वधर्म सम्मेलन आयोजित किया गया है, जहां सभी धर्मों के प्रतिनिधि एक मंच पर आए हैं। उन्होंने दमदमी टकसाल के प्रमुख बाबा हਰਨाम सिंह, श्री श्री रवि शंकर, संत बाबा बलबीर सिंह, डेरा ब्यास प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह, महंत ज्ञानदेव (निरमल अखाड़ा), संत बाबा सेवा सिंह सहित सभी संतों का विशेष स्वागत किया।
गुरुओं की शिक्षा—मानवता सबसे ऊपर
उन्होंने कहा कि हमारे सभी गुरुओं की सीख यही रही है कि इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है। हर व्यक्ति को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है और इसके प्रति सम्मान होना चाहिए। गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान इस बात की मिसाल है कि समाज में शांति, एकता और भाईचारा बनाए रखने के लिए सभी धर्मों का सम्मान आवश्यक है।
सम्मेलन में दिखी एकजुटता और सद्भाव
कार्यक्रम के दौरान पूरा वातावरण आध्यात्मिकता, भाईचारे और एकता से भरा रहा। पंजाब सरकार ने इस आयोजन के माध्यम से गुरु साहिब की शिक्षाओं और उनके मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।
