भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने शुक्रवार (29 अगस्त) को वित्त वर्ष 2024-25 के लिए सरकार को 7,324.34 करोड़ रुपये का डिविडेंड दिया। एलआईसी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक आर. दोरईस्वामी ने केंद्रीय वित्त मंत्री और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण को यह डिविडेंड चेक सौंपा। यह फैसला 26 अगस्त को हुई कंपनी की वार्षिक आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी के बाद लिया गया था।
मौजूद रहे कई बड़े अधिकारी
इस मौके पर वित्तीय सेवा विभाग के सचिव नागराजू एम. और संयुक्त सचिव प्रशांत कुमार गोयल समेत वित्त मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। वहीं, एलआईसी की ओर से मैनेजिंग डायरेक्टर सतपाल भानु, दिनेश पंत, रत्नाकर पटनायक और नॉर्दर्न जोन के जोनल मैनेजर (इनचार्ज) जे.पी.एस. बजाज भी शामिल रहे।
सरकार के पास सबसे बड़ी हिस्सेदारी
एलआईसी में फिलहाल सरकार की 96% हिस्सेदारी है। सरकार के पास इसके 6,103,622,781 (लगभग 610 करोड़) शेयर हैं। एलआईसी ने 12 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड घोषित किया है। इसी के चलते सरकार को 7,324 करोड़ रुपये का डिविडेंड मिला है। कंपनी जल्द ही अपने 69 वर्ष पूरे करने जा रही है और अब भी यह भारत की सबसे बड़ी बीमा कंपनी बनी हुई है।
56.23 लाख करोड़ का एसेट बेस
एलआईसी ने जानकारी दी है कि 31 मार्च 2025 तक उसका एसेट बेस 56.23 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इतनी बड़ी एसेट साइज के साथ यह देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी बनी हुई है। कंपनी का कहना है कि वह आने वाले समय में डिजिटल प्लेटफॉर्म और ग्राहक सेवाओं पर ज्यादा जोर देगी ताकि प्रतिस्पर्धी माहौल में अपनी पकड़ मजबूत रख सके।
शेयर बाजार में प्रदर्शन
शुक्रवार को एलआईसी का शेयर 853.65 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। पिछले एक हफ्ते में इसके शेयरों में 4.85% की गिरावट देखी गई है। वहीं, पिछले एक महीने में इसने 4.34% का निगेटिव रिटर्न दिया है। इस साल की शुरुआत से अब तक इसमें 4.47% की गिरावट आई है।
सालाना और लंबे समय का रिटर्न
पिछले एक साल में एलआईसी के शेयरों ने 21.42% तक का नुकसान कराया है। हालांकि, लंबे समय में इसके निवेशकों को फायदा भी हुआ है। पिछले तीन सालों में कंपनी के शेयरों ने 25.53% का रिटर्न दिया है। इसका मतलब है कि अल्पकालिक दबाव के बावजूद एलआईसी के शेयरों ने लंबी अवधि में निवेशकों को बेहतर रिटर्न दिया है।
निवेशकों की नजर डिविडेंड पर
एलआईसी द्वारा घोषित डिविडेंड से निवेशकों में सकारात्मक माहौल बनने की उम्मीद है। खासतौर पर सरकार को मिलने वाला यह बड़ा डिविडेंड वित्तीय घाटे को नियंत्रित करने में मदद करेगा। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले महीनों में एलआईसी के शेयरों पर बाजार की धारणा डिविडेंड और कंपनी की ग्रोथ रणनीति पर निर्भर करेगी।
