अमेरिका द्वारा 1 नवंबर से चीनी सामानों पर 100% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद ग्लोबल बाजारों में दबाव देखने को मिला। इसका असर घरेलू शेयर बाजार पर भी पड़ा और सोमवार को बाजार लाल निशान में खुले। दिनभर बाजार में गिरावट बनी रही, हालांकि आखिरी घंटों में थोड़ी रिकवरी देखने को मिली।
सेंसेक्स और निफ्टी का हाल
दोपहर 2:30 बजे तक सेंसेक्स 82 अंक नीचे 82,327.05 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 30 अंक की गिरावट के साथ 25,250 के आसपास था। शुरुआती घंटों में सभी सेक्टरल इंडेक्स लाल निशान पर रहे, जिसमें आईटी और रियल्टी सेक्टर में सबसे बड़ी गिरावट देखी गई।
दिन के अंत में सेंसेक्स 173.77 अंक यानी 0.21% गिरकर 82,327.05 पर बंद हुआ। इसमें 12 स्टॉक्स बढ़त में और 18 स्टॉक्स गिरावट में रहे। निफ्टी 58.00 अंक यानी 0.23% गिरकर 25,227.35 पर बंद हुआ।
सबसे ज्यादा नुकसान और टॉप गेनर्स
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से INFY, Tata Motors, Trent, Hindunilvr और Bel सबसे ज्यादा नुकसान में रहीं। वहीं भारतीय एयरटेल, स्टेट बैंक, अडानी पोर्ट, एशियन पेंट्स, मारुति और बजाज फाइनेंस के शेयर लाभ में रहे और निवेशकों को उम्मीद दी।
ग्लोबल बाजारों का असर
एशियाई बाजारों में भी दबाव देखा गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, शंघाई SSE कंपोजिट, जापान का निक्केई और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट में रहे। अमेरिका के शेयर बाजार शुक्रवार को नकारात्मक रुझान के साथ बंद हुए।
कच्चे तेल और निवेशक गतिविधियां
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड 1.48% बढ़कर $63.66 प्रति बैरल पर पहुंच गया। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने शुक्रवार को खरीदार की भूमिका निभाई और कुल 459.20 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
विश्लेषकों की राय
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका के टैरिफ फैसले से वैश्विक व्यापार पर दबाव बढ़ सकता है और घरेलू निवेशक थोड़ी सतर्कता अपनाएं। निवेशकों को इस समय दीर्घकालिक रणनीति पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी जा रही है।
