हांगकांग के ताईपो इलाके में बुधवार (26 नवंबर 2025) की दोपहर एक बड़ा हादसा हुआ। यहां कई बहुमंजिला इमारतों में अचानक आग लग गई, जिसके कारण भारी जनहानि की खबर है। जानकारी के मुताबिक, इस भयानक आग में कम से कम 44 लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 300 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। आग इतनी तेजी से फैली कि करीब सात इमारतें इसकी चपेट में आ गईं।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। घटना के सही कारणों की जांच जारी है।
कैसे लगी आग?
फायर सर्विसेज डिपार्टमेंट के अनुसार, उन्हें दोपहर 2:51 बजे आग लगने की पहली सूचना मिली। थोड़ी ही देर में आग ने गंभीर रूप ले लिया और तीन बजकर तीस मिनट के आसपास इसे नंबर 4 अलार्म फायर घोषित किया गया। हांगकांग में यह दूसरी सबसे बड़ी अलार्म श्रेणी मानी जाती है। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि कई किलोमीटर दूर तक देखी जा सकती थीं।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, ताईपो जिले में एक कॉम्प्लेक्स के बाहर लगी बांस की मचान में आग भड़क उठी, जिसने तेजी से ऊंची इमारतों को अपनी चपेट में ले लिया। ताईपो, हांगकांग के उत्तरी हिस्से में स्थित है और यह शेनझेन बॉर्डर के करीब है।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
फायर विभाग की कई टीमें लगातार आग बुझाने में जुटी हैं। सामने आए वीडियो में इमारतों से उठता काला धुआं स्पष्ट दिखाई देता है। अधिकारियों ने बताया कि करीब 90% लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में लोग लापता हैं।
हादसे के बाद आसपास की कई सड़कों को बंद कर दिया गया है। इस आग को लेवल 5 कैटेगरी में रखा गया है, जो हांगकांग में सबसे गंभीर श्रेणी है।
लोगों से घरों में रहने की अपील
फायर विभाग ने आसपास के निवासियों को घरों में रहने, दरवाजे-खिड़कियां बंद रखने और शांत रहने की सलाह दी है। धुआं कई इलाकों तक फैल गया है, जिससे वातावरण में घुटन बढ़ गई है। प्रशासन ने इलाके में राहत कार्य तेज कर दिए हैं और फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है।
17 साल बाद दोबारा बड़ा हादसा
हांगकांग में इससे पहले लगभग 17 साल पहले इसी तरह की लेवल 5 श्रेणी की आग लगी थी, जिसमें चार लोगों की मौत हुई थी। लेकिन इस बार हादसा कहीं ज्यादा बड़ा और भयावह साबित हुआ है।
घटना के बाद सरकार ने घायलों और प्रभावित परिवारों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, ताकि जरूरतमंदों को तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।
