पंजाब सरकार की बहुचर्चित ‘मुख्यमंत्री मावा धियां सत्कार योजना’ आज 1 जुलाई से लागू हो गई है। सरकार की घोषणा के अनुसार, पात्र महिलाओं के बैंक खातों में पहली किस्त सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जा रही है। पहली किस्त में शुरुआती तीन महीनों की राशि एक साथ दी जा रही है, जिससे लाखों महिलाओं को आज से आर्थिक सहायता मिलनी शुरू हो गई है।
किसे कितनी राशि मिल रही है?
योजना के तहत सामान्य श्रेणी की पात्र महिलाओं को 1,000 रुपये प्रति माह के हिसाब से पहली किस्त में 3,000 रुपये दिए जा रहे हैं। वहीं अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग की पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह के अनुसार पहली किस्त में 4,500 रुपये उनके बैंक खातों में भेजे जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि राशि सीधे बैंक खाते में पहुंचने से किसी भी तरह के बिचौलियों की जरूरत नहीं होगी।
महिलाओं को आर्थिक मजबूती देने पर जोर
राज्य सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से अधिक सक्षम बनाना और परिवार में उनकी भागीदारी को मजबूत करना है। सरकार का दावा है कि योजना का लाभ पंजाब की बड़ी संख्या में वयस्क महिलाओं तक पहुंचेगा। इसके लिए राज्य बजट में हजारों करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है, ताकि योजना का संचालन नियमित रूप से जारी रह सके।
पंजीकरण और पात्रता की व्यवस्था
योजना के लिए पंजीकरण का काम पहले से ही आंगनवाड़ी केंद्रों, सेवा केंद्रों और अन्य अधिकृत केंद्रों के माध्यम से कराया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पात्र महिलाओं का सत्यापन पूरा होने के बाद उन्हें योजना का लाभ दिया जाएगा। जिन महिलाओं का पंजीकरण निर्धारित प्रक्रिया के तहत पूरा होगा, उन्हें भी नियमों के अनुसार योजना का लाभ मिलेगा।
बैंक खातों और मोबाइल पर मिल रही जानकारी
आज से कई लाभार्थी महिलाओं को उनके मोबाइल फोन पर बैंक खाते में राशि जमा होने के संदेश भी मिलने शुरू हो गए हैं। सरकार ने लाभार्थियों से अपील की है कि उनका आधार, बैंक खाता और अन्य आवश्यक दस्तावेज सही तरीके से अपडेट हों, ताकि भुगतान बिना किसी परेशानी के सीधे खाते में पहुंच सके। इस योजना को महिलाओं के आर्थिक सम्मान और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
