अयोध्या राम मंदिर दान राशि से जुड़े कथित गबन मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इस बीच मामले के आरोपी टिन्नी यादव ने जांच एजेंसियों के सामने कई दस्तावेज और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं। आरोपी का दावा है कि इन सबूतों से उसकी भूमिका स्पष्ट होगी। जांच अधिकारी अब इन दस्तावेजों की सत्यता की जांच कर रहे हैं और उन्हें पहले से जुटाए गए रिकॉर्ड से मिलाया जा रहा है।
अविनाश मिश्रा और अनिल मिश्रा के नाम भी चर्चा में
जांच के दौरान अविनाश मिश्रा और अनिल मिश्रा से जुड़े कई पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दान राशि के संग्रह, उसकी गिनती और बैंक में जमा करने की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से खंगाला जा रहा है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि धन के प्रबंधन में कहीं किसी स्तर पर अनियमितता तो नहीं हुई।
चंपत राय से जुड़े तथ्यों की भी हो रही जांच
मामले की जांच के तहत पूर्व महासचिव चंपत राय से भी पूछताछ की जा चुकी है। अधिकारियों ने दान राशि के संग्रह, रिकॉर्ड रखने और जमा करने की प्रक्रिया से जुड़े कई सवाल पूछे। जांच एजेंसियां यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि पूरी व्यवस्था किस तरह संचालित की जाती थी और किस स्तर पर कथित गड़बड़ी की आशंका पैदा हुई।
रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों का किया जा रहा मिलान
जांच टीम बैंक रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, दस्तावेज, डिजिटल डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का मिलान कर रही है। अब तक कई लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध सभी साक्ष्यों का वैज्ञानिक तरीके से विश्लेषण किया जा रहा है ताकि घटनाक्रम की पूरी तस्वीर सामने आ सके।
जांच पर बनी हुई है सभी की नजर
राम मंदिर दान राशि से जुड़ा यह मामला देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। हाल के दिनों में ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों के इस्तीफे भी सामने आए हैं, जिसके बाद जांच और तेज हो गई है। पुलिस और जांच एजेंसियों का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
