पंजाब सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को पोषण सुरक्षा देने के लिए ‘मेरी रसोई’ अभियान को तेज कर दिया है। इस योजना के तहत अब तक राज्य के करीब 27.18 लाख परिवारों को राशन किट वितरित की जा चुकी हैं। सरकार का लक्ष्य 40.48 लाख पात्र परिवारों तक हर तीन महीने में एक बार राशन किट पहुंचाना है, ताकि जरूरतमंद लोगों को नियमित रूप से आवश्यक खाद्य सामग्री मिल सके।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चल रहा अभियान
सरकार के अनुसार यह अभियान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व और खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक्क की निगरानी में मिशन मोड में चलाया जा रहा है। राशन किटों के वितरण पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि सभी पात्र परिवारों तक समय पर सहायता पहुंच सके।
राशन किट में क्या-क्या मिल रहा है?
‘मेरी रसोई’ योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को एक विशेष राशन किट दी जाती है। इस किट में 2 किलोग्राम दाल, 2 किलोग्राम चीनी, 1 किलोग्राम नमक, 200 ग्राम हल्दी पाउडर और 1 लीटर सरसों का तेल शामिल होता है। यह सुविधा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत मिलने वाले गेहूं के अतिरिक्त उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि परिवारों को केवल अनाज ही नहीं बल्कि पौष्टिक भोजन के लिए जरूरी अन्य सामग्री भी मिल सके।
मार्कफैड तैयार कर रहा राशन किट
योजना के तहत राशन किटों का निर्माण मार्कफैड द्वारा किया जा रहा है, जबकि खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग पूरे राज्य में इनके वितरण की निगरानी कर रहा है। सरकार का कहना है कि वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर लगातार काम किया जा रहा है।
इन जिलों में सबसे ज्यादा हुआ वितरण
राशन किट वितरण में लुधियाना सबसे आगे है, जहां अब तक 3,00,480 किटें बांटी जा चुकी हैं। इसके बाद पटियाला में 2,03,591, बठिंडा में 1,68,811, अमृतसर में 1,59,408, फाजिल्का में 1,51,458 और संगरूर में 1,47,339 राशन किटों का वितरण किया गया है।
इसके अलावा जालंधर में 1,44,965, श्री मुक्तसर साहिब में 1,38,009, तरनतारन में 1,33,220, होशियारपुर में 1,28,720, गुरदासपुर में 1,26,901, फिरोजपुर में 1,09,444, मोगा में 1,07,324, मानसा में 91,274, फतेहगढ़ साहिब में 80,910, मोहाली में 76,928, फरीदकोट में 77,574, कपूरथला में 75,274, पठानकोट में 73,793, बरनाला में 66,193, रूपनगर में 60,785, मलेरकोटला में 50,841 और शहीद भगत सिंह नगर में 45,546 राशन किटें वितरित की जा चुकी हैं।
पोषण पर सरकार का जोर
सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों तक केवल खाद्यान्न पहुंचाना नहीं, बल्कि उन्हें दाल, तेल और अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराकर संतुलित भोजन सुनिश्चित करना भी है। राशन किटों के वितरण की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि गुणवत्ता बनी रहे, किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो और सभी पात्र लाभार्थियों तक समय पर सहायता पहुंच सके।
