पंजाब में आई भयंकर बाढ़ को लेकर राजनीति तेज हो गई है। राज्य के माल, पुनर्वास और आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जब पंजाब के लिए राहत राशि बढ़ाने की मांग की गई, तब प्रधानमंत्री ने व्यंग्य करते हुए कहा कि “हिंदी नहीं आती”।
मंत्री बोले– आपदा में मज़ाक कर रहे हैं प्रधानमंत्री
हरदीप मुंडियां ने कहा कि जब लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं और मुश्किलों का सामना कर रहे हैं, उस समय प्रधानमंत्री को मज़ाक नहीं करना चाहिए। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री की पंजाब यात्रा सिर्फ पीआर एक्सरसाइज थी, जिसका जनता के वास्तविक हितों से कोई लेना-देना नहीं था।
कैबिनेट मंत्रियों से अलग प्रोटोकॉल, भाजपा नेताओं को छूट
मुंडियां ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान पंजाब के कैबिनेट मंत्रियों के साथ अलग प्रोटोकॉल अपनाया गया, जबकि भाजपा नेताओं को पूरी छूट दी गई। उन्होंने बताया कि हमें बैठक स्थल से काफी दूर गाड़ियों से उतारा गया, जबकि भाजपा नेता अपनी निजी गाड़ियों से सीधे स्थल के बाहर तक पहुंचे। इसके अलावा, हमारे मोबाइल फोन बाहर जमा करवा लिए गए, लेकिन भाजपा नेताओं और सुरक्षा अधिकारियों को फोन इस्तेमाल की अनुमति थी।
राहत राशि की मांग पर केंद्रीय मंत्री ने रोका
हरदीप मुंडियां ने दावा किया कि जब उन्होंने प्रधानमंत्री से राहत पैकेज बढ़ाने की अपील की, तो केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बित्तू ने उनका हाथ दबाकर उन्हें चुप रहने का इशारा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बित्तू पंजाब के लोगों की आवाज उठाने में बाधा डाल रहे थे।
भाजपा नेतृत्व की चुप्पी पर सवाल
मुंडियां ने कहा कि उस समय वहां मौजूद पंजाब भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा भी चुपचाप खड़े रहे और कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उनके मुताबिक, इससे साफ है कि भाजपा नेतृत्व पंजाब की जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा।
“पंजाब की आवाज दबाने की कोशिश”
मंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और भाजपा नेता लगातार पंजाब की आवाज को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की पीड़ा को नज़रअंदाज़ कर राजनीतिक दिखावा करना बेहद निंदनीय है।
