मंगलवार सुबह का वक्त था। दिल्ली से सटे फरीदाबाद में लोग अपने घरों में चैन की नींद सो रहे थे। तभी करीब सुबह 6 बजे अचानक धरती हिलने लगी। कुछ ही सेकंड के झटकों ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना दिया।
इस भूकंप की तीव्रता 3.2 मापी गई। झटके इतने हल्के थे कि किसी प्रकार की जान-माल की हानि नहीं हुई, लेकिन लोगों की नींद जरूर उड़ गई। कई लोग तो ऐसे थे जो बिना अलार्म के ही इन झटकों से जाग उठे और डर के मारे तुरंत घर से बाहर निकल आए।
कहां था भूकंप का केंद्र?
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने सोशल मीडिया पर इस घटना की पुष्टि की। जानकारी के अनुसार, भूकंप का केंद्र फरीदाबाद से 16 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में था और गहराई करीब 5 किलोमीटर मापी गई।
हल्की तीव्रता के बावजूद ये झटके साफ तौर पर महसूस किए गए। खासकर ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले लोगों को ज्यादा कंपन महसूस हुआ।
एक हफ्ते में चौथी बार हिली धरती
गौर करने वाली बात ये है कि एक ही हफ्ते में यह चौथी बार है जब हरियाणा में भूकंप के झटके दर्ज किए गए हैं।
- 16 जुलाई की रात को रोहतक में 3.3 तीव्रता का भूकंप आया था।
- 11 जुलाई को झज्जर जिले में झटके महसूस हुए थे।
- और उससे एक दिन पहले, झज्जर में ही 4.4 तीव्रता का तेज झटका महसूस किया गया था, जिसका असर दिल्ली तक दिखा।
हर बार गनीमत रही कि कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन बार-बार आ रहे झटकों ने लोगों की चिंता जरूर बढ़ा दी है।
आखिर क्यों आता है भूकंप?
भूकंप का कारण पृथ्वी की सतह के नीचे की गतिविधियां होती हैं। हमारी धरती की ऊपरी परत कई टुकड़ों में बंटी होती है, जिन्हें टेक्टोनिक प्लेट्स कहते हैं। ये प्लेटें लगातार हिलती रहती हैं और जब वे आपस में टकराती या खिसकती हैं, तो ऊर्जा का दबाव बनता है।
जब ये दबाव सहन से बाहर हो जाता है, तो वो एक झटके के रूप में बाहर निकलता है, जिसे हम भूकंप के रूप में महसूस करते हैं।
क्या करना चाहिए ऐसे समय में?
- भूकंप के झटके महसूस होते ही खुले मैदान या खाली जगह में चले जाएं।
- अगर आप घर में हैं, तो मज़बूत टेबल के नीचे या किसी कोने में बैठ जाएं।
- लिफ्ट का इस्तेमाल बिल्कुल न करें।
- झटकों के खत्म होने के बाद ही बाहर निकलें।
फरीदाबाद में आए भूकंप ने भले ही नुकसान नहीं पहुंचाया, लेकिन बार-बार हिलती धरती लोगों को सजग रहने का इशारा जरूर दे रही है। मौसम या प्राकृतिक आपदा पर किसी का बस नहीं, लेकिन सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
