मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के आदेशों पर पंजाब को सुरक्षित और अपराध मुक्त बनाने की दिशा में चल रही मुहिम को एक और बड़ी सफलता मिली है। इसी कड़ी में अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने पुख़्ता खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए सीमा पार से हो रही हथियार तस्करी में शामिल चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने वीरवार को दी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान आकाशदीप सिंह उर्फ आकाश (20, निवासी गांव दाओके), रमनप्रीत सिंह (23, निवासी गांव बाघा कलां), प्रताप सिंह (25, निवासी गांव सुर सिंह, फिरोज़पुर) और सरबजीत सिंह उर्फ बब्बल (25, निवासी देबी वाला बाज़ार, अमृतसर) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से कुल सात अत्याधुनिक पिस्तौल बरामद किए हैं, जिनमें दो 9एमएम PX5, दो 9एमएम ग्लॉक और तीन .30 बोर पिस्तौल शामिल हैं।
पाकिस्तान से जुड़ा है तस्करी नेटवर्क
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि ये आरोपी पाकिस्तान स्थित तस्करों के संपर्क में थे और भारत-पाक सीमा के नजदीकी क्षेत्रों से अवैध हथियारों की खेप प्राप्त कर रहे थे। इन हथियारों को राज्य में सक्रिय गैंगस्टरों तक पहुंचाया जाता था। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार आरोपी लंबे समय से सरहदी गांवों में रहकर इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहे थे।
स्वतंत्रता दिवस से पहले सख्ती बढ़ाई
अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। इसी के तहत पुलिस टीमों ने थाना छेहरटा क्षेत्र में खास खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई की। सबसे पहले आकाश और रमन को गिरफ्तार किया गया और इनके पास से दो 9एमएम PX5 और दो .30 बोर पिस्तौल बरामद किए गए।
बचे दो आरोपी भी पुलिस के शिकंजे में
आकाश और रमन की गिरफ्तारी के बाद उनके साथियों प्रताप सिंह और सरबजीत सिंह उर्फ बब्बल को भी पकड़ लिया गया। इनके पास से भी तीन पिस्तौल बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि आकाश सीमा के नजदीक रहता है और वह रमन के साथ मिलकर पाकिस्तान से हथियार मंगवाता था, जबकि प्रताप और सरबजीत इन हथियारों को आगे सप्लाई करने और नेटवर्क को संभालने का काम करते थे।
बड़ी आपराधिक वारदात टली
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन आरोपियों की गिरफ्तारी से क्षेत्र में संभावित बड़ी आपराधिक घटनाओं को रोका गया है। ये लोग राज्य में सक्रिय गैंगस्टरों तक हथियार पहुंचाने वाले अहम कड़ी थे। उनकी गिरफ्तारी से पूरे नेटवर्क को कमजोर किया गया है।
एफआईआर दर्ज, आगे की जांच जारी
इस संबंध में एफआईआर नंबर 147 दिनांक 02 अगस्त 2025 को थाना छेहरटा में आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी और हथियार बरामदगी की उम्मीद है।
पुलिस की सख्ती से अपराधियों में हड़कंप
इस कार्रवाई से साफ है कि पंजाब पुलिस मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अपराध और तस्करी के खिलाफ पूरी तरह सक्रिय है। हथियारों की तस्करी को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस लगातार चौकसी और सुरक्षा उपायों को मजबूत कर रही है।
