अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले में प्रारंभिक SIT रिपोर्ट तैयार, गृह सचिव को सौंपी गई जांच रिपोर्ट
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि में कथित अनियमितताओं के मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी प्रारंभिक जांच पूरी कर ली है। जांच रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार के गृह विभाग को सौंप दी गई है। रिपोर्ट में दान राशि के प्रबंधन, नकदी की निगरानी और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़े कई पहलुओं की समीक्षा की गई है।
जांच के दौरान कई पहलुओं की हुई पड़ताल
SIT ने मंदिर में आने वाले नकद चढ़ावे, सोना-चांदी और अन्य कीमती वस्तुओं के रिकॉर्ड की जांच की। जांच के दौरान दान पेटियों से रकम निकालने, उसे सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने और बैंक में जमा कराने की प्रक्रिया का भी अध्ययन किया गया। रिपोर्ट में कुछ प्रक्रियात्मक कमियों और निगरानी व्यवस्था में सुधार की जरूरत बताई गई है।
CCTV और रिकॉर्ड व्यवस्था पर भी सवाल
जांच टीम ने CCTV निगरानी, कर्मचारियों के सत्यापन और रिकॉर्ड प्रबंधन की भी जांच की। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान यह सामने आया कि उपलब्ध CCTV फुटेज सीमित अवधि की थी, जिससे कुछ पुराने मामलों की जांच में कठिनाई आई। इसके बावजूद SIT ने विभिन्न दस्तावेजों और कर्मचारियों से पूछताछ के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार की है।
कई लोगों से की गई पूछताछ
जांच के दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारियों और संबंधित लोगों से पूछताछ की गई। रिपोर्ट तैयार करने से पहले कई अधिकारियों और कर्मचारियों को जांच पूरी होने तक अयोध्या न छोड़ने के निर्देश भी दिए गए थे। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान करीब 150 संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका की भी समीक्षा की गई।
आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर
SIT की रिपोर्ट मिलने के बाद अब सरकार आगे की कार्रवाई पर विचार कर रही है। रिपोर्ट में जिन मामलों में अनियमितताओं या लापरवाही की आशंका जताई गई है, उन पर संबंधित विभागों द्वारा आगे निर्णय लिया जा सकता है। इस पूरे मामले पर देशभर के श्रद्धालुओं और राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है।
