पंजाब सरकार अब सरकारी विभागों में डिजिटल डेटा की सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि बदलते डिजिटल दौर में सरकारी रिकॉर्ड और नागरिकों की निजी जानकारी को सुरक्षित रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से चंडीगढ़ में “राज्य के डेटा के लिए साइबर सुरक्षा ढांचे को मजबूत करना” विषय पर राज्य स्तरीय कंसल्टेटिव वर्कशॉप आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों ने भाग लिया।
‘डेटा अब नई सार्वजनिक संपत्ति है’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि आज के समय में डेटा नई सार्वजनिक संपत्ति बन चुका है। पंजाब सरकार सामाजिक कल्याण योजनाओं, भूमि रिकॉर्ड, नागरिक सेवाओं और अन्य सरकारी सुविधाओं को तेजी से डिजिटल बना रही है। ऐसे में इन सभी डिजिटल सिस्टम की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) अधिनियम, 2023 के प्रावधानों का पालन करना भी सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
नागरिकों का भरोसा बनाए रखना जरूरी
मंत्री ने कहा कि जब कोई नागरिक सरकारी दफ्तर में किसी योजना का लाभ लेने या कोई आवेदन भरने जाता है, तो वह अपना निजी डेटा सरकार पर भरोसा करके साझा करता है। सरकार की जिम्मेदारी है कि उस भरोसे को हर हाल में कायम रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों से टीम भावना के साथ काम करने, लगातार विचार-विमर्श करने और उभरते साइबर खतरों के अनुसार सरकारी सिस्टम को समय-समय पर अपग्रेड करने का आह्वान किया।
साइबर सुरक्षा के लिए पूरा सहयोग देने का भरोसा
अमन अरोड़ा ने अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि साइबर सुरक्षा से जुड़े किसी भी जरूरी कदम के लिए पंजाब सरकार पूरा सहयोग देगी। उन्होंने कहा कि मजबूत साइबर सुरक्षा व्यवस्था न केवल सरकारी रिकॉर्ड की रक्षा करेगी, बल्कि डिजिटल सेवाओं पर लोगों का विश्वास भी और मजबूत करेगी।
विशेषज्ञों ने साझा किए नए सुरक्षा उपाय
कार्यशाला में भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप साइबर सुरक्षा पर कई तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन और इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) के विशेषज्ञों ने डेटा सुरक्षा, साइबर खतरों से बचाव और आधुनिक सुरक्षा तकनीकों पर विस्तृत जानकारी दी। एयरटेल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा सुरक्षा समाधान प्रस्तुत किए, जबकि वेरोनिस ने डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर अपने विचार साझा किए।
सरकारी विभागों के लिए तैयार होगी व्यापक रिपोर्ट
कार्यशाला के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने जोखिम आधारित सुरक्षा मूल्यांकन, पुराने डिजिटल सिस्टम के आधुनिकीकरण, त्वरित साइबर प्रतिक्रिया प्रणाली और राष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के पालन जैसे विषयों पर चर्चा की। इस दौरान सामने आए सुझावों और रणनीतियों को एक विस्तृत राज्य रिपोर्ट के रूप में तैयार किया जाएगा। बाद में यह रिपोर्ट भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को भेजी जाएगी, ताकि नई दिल्ली में होने वाले राष्ट्रीय विभागीय सम्मेलन में पंजाब की सिफारिशों को प्रस्तुत किया जा सके।
