चंडीगढ़ के टैगोर थिएटर में थिएटर ग्रुप ‘सुचेतक रंगमंच’ द्वारा पंजाबी नाटक ‘वकत तैनू सलाम है’ का सफल मंचन किया गया। सामाजिक मुद्दे पर आधारित इस नाटक को देखने के लिए बड़ी संख्या में रंगमंच प्रेमी पहुंचे। अपनी दमदार कहानी, प्रभावशाली संवाद और कलाकारों के जीवंत अभिनय ने शुरुआत से लेकर अंत तक दर्शकों को बांधे रखा। नाटक खत्म होने पर पूरे सभागार में तालियों की गूंज सुनाई दी।
प्रसिद्ध नाटक का पंजाबी रूपांतरण
‘वकत तैनू सलाम है’ प्रसिद्ध नाटककार सी.टी. खानोलकर के चर्चित नाटक का पंजाबी रूपांतरण है। इसका निर्देशन और पंजाबी अनुवाद अनीता शब्दीश ने किया है। प्रस्तुति में कहानी को स्थानीय परिवेश और सरल भाषा के साथ इस तरह पेश किया गया कि दर्शक आसानी से उससे जुड़ सके। नाटक ने समाज में फैली कई सोच और मान्यताओं पर सवाल उठाते हुए लोगों को सोचने के लिए प्रेरित किया।
कई गणमान्य हस्तियां रहीं मौजूद
इस विशेष अवसर पर देश भगत विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ. जोरा सिंह और प्रो-चांसलर डॉ. तजिंदर कौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं पंजाब राज्य खाद्य आयोग के चेयरमैन बाल मुकंद शर्मा, बोटैनिक हेल्थकेयर के डॉ. गौरव सोनी तथा समाज के कई अन्य प्रमुख लोग भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने कलाकारों का उत्साह बढ़ाया और प्रस्तुति की सराहना की।
सामाजिक संदेश की हुई सराहना
पंजाब राज्य खाद्य आयोग के चेयरमैन बाल मुकंद शर्मा ने कहा कि ऐसे नाटक केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं होते, बल्कि समाज को नई सोच भी देते हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रस्तुति लोगों को अंधविश्वासों से ऊपर उठकर तर्क और समझदारी के साथ जीवन जीने का संदेश देती है। उनके अनुसार, रंगमंच समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का एक प्रभावी माध्यम बन सकता है।
रंगमंच की भूमिका पर दिया जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. जोरा सिंह ने कहा कि रंगमंच समाज में जागरूकता फैलाने और सकारात्मक परिवर्तन लाने की महत्वपूर्ण शक्ति रखता है। उन्होंने सुचेतक रंगमंच की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों को मंच पर लाने का यह प्रयास सराहनीय है और इससे लोगों के बीच जागरूकता बढ़ती है।
दर्शकों ने कलाकारों का बढ़ाया उत्साह
नाटक के दौरान कलाकारों के अभिनय, संवाद अदायगी और निर्देशन की दर्शकों ने खुलकर प्रशंसा की। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने मुख्य अतिथियों, कलाकारों, मीडिया प्रतिनिधियों, सहयोगियों और सभी दर्शकों का धन्यवाद किया। सुचेतक रंगमंच की टीम ने भविष्य में भी समाज को जागरूक करने वाले ऐसे सार्थक और संदेशपूर्ण नाटकों का मंचन जारी रखने का संकल्प दोहराया।
