पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ लड़ाई को और मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1 करोड़ रुपये की टोकन ग्रांट मिली है। इस राशि का इस्तेमाल नशे की रोकथाम और लोगों को जागरूक करने के लिए किया जाएगा।
85 लाख रुपये जागरूकता गतिविधियों पर खर्च
कुल 1 करोड़ रुपये में से 85 लाख रुपये 12 जिलों में जागरूकता और रोकथाम से जुड़ी गतिविधियों के लिए रखे गए हैं। इनमें फाजिल्का, तरनतारन, फिरोजपुर, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब, रूपनगर, मोहाली, पठानकोट, कपूरथला, गुरदासपुर, लुधियाना और पटियाला शामिल हैं।
स्कूल-कॉलेजों और गांवों तक पहुंचेगा अभियान
सरकार का फोकस सिर्फ नशा करने वालों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि युवाओं को शुरुआत से ही नशे के नुकसान के बारे में जागरूक करने पर जोर दिया जाएगा। स्कूलों, कॉलेजों, गांवों और शहरी इलाकों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन अभियानों में युवाओं को स्वस्थ और नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। मलोट में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम
ग्रांट में से 15 लाख रुपये राज्य स्तरीय एंटी-ड्रग जागरूकता कार्यक्रम के लिए निर्धारित किए गए हैं। यह कार्यक्रम अगस्त 2026 में श्री मुक्तसर साहिब जिले के मलोट में आयोजित किया जाएगा। इसमें सरकारी विभागों के साथ शैक्षणिक संस्थान, युवा संगठन और सामाजिक संस्थाएं भी भाग लेंगी।
मंत्री बलजीत कौर ने युवाओं की भागीदारी पर दिया जोर
सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान में जागरूकता, रोकथाम, पुनर्वास और समाज की भागीदारी को साथ लेकर चलना जरूरी है। उन्होंने युवाओं, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों से इस मुहिम में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
शिक्षकों को भी बनाया जा रहा जागरूक
पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान के तहत शिक्षकों की भूमिका भी बढ़ाई जा रही है। सरकार ने 12 जिलों में 21,850 से अधिक शिक्षकों को छात्रों में नशे और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े शुरुआती संकेत पहचानने के लिए प्रशिक्षित करने की पहल की है।
