दीवाली और बंदी छोड़ दिवस के पावन अवसर पर पंजाब के कैबिनेट मंत्रियों और विधानसभा स्पीकर ने पूरे राज्य और देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। सभी नेताओं ने लोगों से अपील की है कि इस बार त्योहार को पर्यावरण के अनुकूल तरीके से मनाया जाए और प्रदूषण से बचाव के लिए ग्रीन दीवाली का संदेश फैलाया जाए।
मंत्रियों ने दी शुभकामनाएं
पंजाब सरकार के मंत्रियों — अमन अरोड़ा, डॉ. बलजीत कौर, संजीव अरोड़ा, डॉ. बलबीर सिंह, लाल चंद कटारूचक्क, लालजीत सिंह भुल्लर, हरजोत सिंह बैंस, हरभजन सिंह, गुरमीत सिंह खुड्डियां, बरींदर कुमार गोयल, हरदीप सिंह मुंडियां, तरुणप्रीत सिंह सोंद, हरपाल सिंह चीमा — ने संयुक्त रूप से पंजाब सहित पूरे देश को दीवाली और बंदी छोड़ दिवस की बधाई दी।
उन्होंने कहा कि दीवाली सच्चाई की झूठ पर, धर्म की अधर्म पर और अच्छाई की बुराई पर जीत का प्रतीक है। यह पर्व भारतीय संस्कृति की महान विरासत, भाईचारे और नैतिक मूल्यों को दर्शाता है।
“ग्रीन दीवाली” मनाने की अपील
मंत्रियों ने कहा कि आज प्रदूषण की समस्या बहुत गंभीर होती जा रही है, जो हर व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही है। इसलिए हर नागरिक को चाहिए कि वह इस बार पटाखों से दूर रहकर पर्यावरण-मित्र दीवाली मनाए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे मिट्टी के दीये जलाएं, पेड़ लगाएं और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखें — ताकि त्योहार की असली रोशनी सबके जीवन में खुशी और तंदरुस्ती लेकर आए।
समाज में भाईचारे और शांति का संदेश
मंत्रियों ने कहा कि दीवाली सिर्फ रोशनी का त्योहार नहीं, बल्कि फिरकाप्रेम, भाईचारे और शांति का प्रतीक भी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पर्व पंजाब और देश में सांप्रदायिक सद्भावना और धार्मिक एकता को और मजबूत करेगा। साथ ही सभी ने राज्य के लोगों की भलाई, उन्नति और अच्छी सेहत के लिए अरदास की।
विधानसभा स्पीकर का संदेश
पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने भी पंजाबवासियों को दीवाली और बंदी छोड़ दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह पर्व पंजाब के हर घर में शांति, खुशहाली और समृद्धि लेकर आए। संधवां ने यह भी कहा कि परमत्मा पंजाब के लोगों के सपनों को साकार करे और राज्य में प्रेम, एकता और तरक्की का माहौल बने।
पंजाब सरकार के संदेश ने इस बार दीवाली को एक पर्यावरण-सुरक्षा और सामाजिक सद्भावना का त्योहार बना दिया है। मंत्रियों और नेताओं की अपील है कि लोग इस दीवाली को रोशनी, प्रेम और प्रकृति के सम्मान के साथ मनाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और खुशहाल पंजाब बनाया जा सके।
