स्वतंत्रता दिवस के शांतिपूर्ण जश्न को सुनिश्चित करने के लिए पंजाब पुलिस ने शनिवार को राज्यभर में विशेष ऑपरेशन ‘ओपीएस सील-18’ चलाया। इस अभियान का मकसद सरहदी जिलों में आने-जाने वाले सभी वाहनों की जांच करना और समाजविरोधी तत्वों व नशा तस्करों पर सख्त निगरानी रखना था। डीजीपी पंजाब गौरव यादव के निर्देश पर यह ऑपरेशन सभी जिलों में एक साथ चलाया गया।
अधिकतम पुलिस बल की तैनाती
सभी सरहदी जिलों के एसएसपी को अपने-अपने क्षेत्रों में रणनीतिक स्थानों पर संयुक्त नाके लगाने और गजटेड अधिकारियों व थाना प्रभारियों की निगरानी में सीलिंग प्वाइंट्स पर मजबूत बैरिकेडिंग करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान अधिकतम पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई हो सके।
71 प्रवेश और निकास बिंदुओं पर नाके
स्पेशल डीजीपी (कानून-व्यवस्था) अरपित शुक्ला ने बताया कि इंस्पेक्टरों और डीएसपी की निगरानी में 600 से अधिक पुलिस कर्मियों की टीम ने 10 जिलों के कम से कम 71 प्रवेश और निकास बिंदुओं पर सख्त नाके लगाए। ये जिले चार पड़ोसी राज्यों और केंद्र शासित चंडीगढ़ से सटे हैं, जिनमें पठानकोट, श्री मुक्तसर साहिब, फाजिल्का, रूपनगर, एसएएस नगर, पटियाला, संगरूर, मानसा, होशियारपुर और बठिंडा शामिल हैं।
वाहनों की सघन जांच, FIR और गिरफ्तारी
ऑपरेशन के दौरान राज्य में आने-जाने वाले कुल 2,464 वाहनों की जांच की गई। इनमें से 286 वाहनों के चालान काटे गए, जबकि 9 वाहनों को जब्त किया गया। पुलिस टीमों ने कार्रवाई के दौरान चार एफआईआर दर्ज कीं और 9 लोगों को गिरफ्तार किया।
‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान में बड़ी कार्रवाई
‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान के 161वें दिन भी पुलिस ने नशा तस्करों पर शिकंजा कसने में कोई कमी नहीं छोड़ी। शनिवार को पूरे राज्य में 403 स्थानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान 57 एफआईआर दर्ज की गईं और 87 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
हेरोइन और अफीम बरामद
छापेमारी के दौरान पकड़े गए तस्करों के कब्जे से 2.2 किलो हेरोइन और 2.1 किलो अफीम बरामद की गई। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई आने वाले दिनों में भी जारी रहेगी, ताकि नशा तस्करी की जड़ को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
