बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम बिना पूर्व सूचना, सुनवाई और कारणयुक्त आदेश के मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा। साथ ही, यह भी कहा गया कि हर योग्य मतदाता का नाम अंतिम सूची में शामिल करने के लिए सभी संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
SIR का पहला चरण पूरा, ड्राफ्ट लिस्ट जारी
चुनाव आयोग ने बताया कि SIR का पहला चरण पूरा हो चुका है और 1 अगस्त 2025 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है। यह चरण बूथ स्तर अधिकारियों (BLO) द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं के नाम और फॉर्म इकट्ठा करने के बाद संपन्न हुआ। राज्य के 7.89 करोड़ मतदाताओं में से 7.24 करोड़ लोगों ने अपने नाम की पुष्टि की या फॉर्म जमा किया।
विशाल टीम और सुविधाएं
इस प्रक्रिया में बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, 38 जिला निर्वाचन पदाधिकारी, 243 निर्वाचन पंजीकरण पदाधिकारी, 77,895 BLO, 2.45 लाख स्वयंसेवक और 1.60 लाख बूथ स्तर एजेंट सक्रिय रहे। प्रवासी मजदूरों के लिए 246 अखबारों में विज्ञापन जारी किए गए। फॉर्म भरने की सुविधा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से उपलब्ध है। युवाओं के पंजीकरण के लिए विशेष कैंप और अग्रिम आवेदन की व्यवस्था की गई है।
वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए विशेष इंतजाम
आयोग ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों और कमजोर वर्गों की मदद के लिए 2.5 लाख स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं। किसी भी नाम को ड्राफ्ट लिस्ट से हटाने से पहले नोटिस देना, सुनवाई करना और सक्षम अधिकारी का कारणयुक्त आदेश जरूरी है। 1 अगस्त से 1 सितंबर 2025 तक दावे और आपत्तियां दर्ज करने का समय तय किया गया है।
ADR की याचिका पर आयोग का पलटवार
ADR ने आरोप लगाया था कि SIR के दौरान 65 लाख मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए गए। आयोग ने इस याचिका को “अशुद्ध हाथों” से दायर बताया और इसे जुर्माने के साथ खारिज करने की मांग की। आयोग का कहना है कि ADR डिजिटल, प्रिंट और सोशल मीडिया पर झूठी खबरें फैलाकर आयोग को बदनाम कर रहा है।
ड्राफ्ट लिस्ट में नाम जोड़ने का विकल्प
आयोग ने कहा कि BLO से मिली जानकारी केवल संकेतक होती है और अंतिम निर्णय निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी जांच के बाद लेते हैं। ड्राफ्ट सूची राजनीतिक दलों को दी गई है और जिनका नाम शामिल नहीं हुआ है, वे घोषणा पत्र देकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं। आयोग ने रोजाना प्रेस विज्ञप्ति के जरिए जनता को इस प्रक्रिया की जानकारी देने का आश्वासन दिया है।
