पंजाब में नशे और आतंकवाद के बढ़ते खतरे के खिलाफ अब पंजाब पुलिस ने एक बड़ी रणनीति तैयार कर ली है। पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने स्पष्ट किया है कि पंजाब पुलिस अब नार्को-आतंकवाद के खिलाफ हाईटेक जंग लड़ेगी। इसका मकसद राज्य में ड्रग्स और उससे जुड़े आतंकी नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना है।
इस सिलसिले में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की गई, जिसमें स्पेशल DGP कुलदीप सिंह समेत कई अफसरों ने हिस्सा लिया। बैठक में बताया गया कि पंजाब पुलिस ने अब तकरीबन 12 करोड़ रुपये की लागत से अपने उपकरणों को अपग्रेड कर लिया है, ताकि नशा तस्करों और आतंकी नेटवर्क पर सीधे और प्रभावी तरीके से कार्रवाई की जा सके।
सरहदी इलाकों में ड्रोन से हो रही थी सप्लाई
DGP गौरव यादव ने बताया कि पहले पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पंजाब के सरहदी इलाकों में हेरोइन और अन्य नशे के पदार्थ गिराए जा रहे थे। हालांकि, अब इसमें काफी गिरावट आई है। लेकिन फिर भी, पुलिस हर संभावित खतरे के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और उसकी खुफिया एजेंसी ISI की साज़िशों का मुकाबला करने के लिए हमारी फोर्स चौकस है।
नशे के खिलाफ लोगों की जागरूकता बढ़ी
पंजाब पुलिस ने सीमा क्षेत्र में विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया है, जिससे गांव-गांव में लोग अब नशे के खिलाफ खुद आगे आ रहे हैं। खासकर गंना गांव, जो पहले नशे के कारण बदनाम था, अब वहां के लोग खुद पुलिस का साथ दे रहे हैं और ड्रग तस्करों के खिलाफ मोर्चा ले रहे हैं।
‘सेफ पंजाब हेल्पलाइन’ बनी मददगार
DGP ने बताया कि ‘सेफ पंजाब हेल्पलाइन’ के जरिए आम लोग अब खुलकर ड्रग्स तस्करों की जानकारी दे रहे हैं। इस हेल्पलाइन से पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं, जिससे बड़े-बड़े तस्कर पकड़े गए हैं और कई ड्रग माफिया फरार हो गए हैं, जो अब अपने घरों को बंद करके भाग चुके हैं।
एंटी-नार्कोटिक्स टास्क फोर्स का टेक्नोलॉजिकल अपग्रेड
एंटी-नार्कोटिक्स टास्क फोर्स को अब हाईटेक बना दिया गया है। इसमें तकनीकी रूप से प्रशिक्षित स्टाफ जोड़ा गया है, जो डाटा एनालिसिस, ड्रोन ट्रैकिंग और डिजिटल इंटेलिजेंस के माध्यम से नशे और आतंकवाद के नेटवर्क का पता लगा रहा है।
स्पेशल DGP कुलदीप सिंह ने बताया कि अब टीम के पास वो सारे संसाधन हैं जिससे नार्को-आतंकवाद पर प्रभावशाली ढंग से लगाम लगाई जा रही है। आने वाले दिनों में पुलिस इस नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ने के लिए और भी कठोर कदम उठाएगी।
पंजाब पुलिस की यह हाईटेक रणनीति और लोगों का सहयोग मिलकर राज्य को नशा और आतंकवाद से मुक्त करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो रहा है। तकनीक, जन जागरूकता और पुलिस की सख्त कार्यवाही से अब यह उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही नशे का काला कारोबार पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा।
