पंजाब के ग्रामीण इलाकों में चल रहे विकास कार्यों को गति देने के लिए ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने विकास भवन, मोहाली में एक अहम समीक्षा बैठक की। इस बैठक में ग्रामीण विकास और पंचायत विभाग से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया और चल रहे प्रोजेक्ट्स की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।
3100 मॉडल खेल मैदानों की प्रगति की जांच
बैठक के दौरान मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने प्रदेशभर में निर्माणाधीन 3100 मॉडल खेल मैदानों के विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से साफ कहा कि खेल मैदानों का उद्देश्य गांवों के युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करना है, इसलिए निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समय-सीमा का खास ध्यान रखा जाए। मंत्री ने कहा कि बेहतर खेल सुविधाएं युवाओं को नशे से दूर रखने में भी मददगार साबित होंगी।
500 पंचायत घरों पर फोकस
इसके अलावा बैठक में 500 निर्माणाधीन पंचायत घरों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि पंचायत घर गांवों के प्रशासनिक और सामाजिक जीवन का केंद्र होते हैं। ऐसे में इनका निर्माण तय समय पर और मजबूत गुणवत्ता के साथ पूरा होना चाहिए, ताकि ग्रामीणों को सरकारी कामकाज में सहूलियत मिल सके।
1100 आंगनवाड़ी केंद्रों की समीक्षा
बैठक में 1100 निर्माणाधीन आंगनवाड़ी केंद्रों के विकास कार्यों पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों और महिलाओं से जुड़े इन केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ सुरक्षा और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि मजबूत आंगनवाड़ी व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण और प्रारंभिक शिक्षा को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाती है।
अधिकारियों को दिए गए स्पष्ट निर्देश
मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने नियमित मॉनिटरिंग, फील्ड विजिट और समय-समय पर रिपोर्टिंग पर जोर दिया, ताकि सभी परियोजनाएं तय समय में पूरी हो सकें।
बैठक में मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी
इस समीक्षा बैठक में ग्रामीण विकास और पंचायत विभाग के प्रशासनिक सचिव अजीत बालाजी जोशी, संयुक्त विकास आयुक्त शेना अग्रवाल, पंजाब विकास आयोग के सदस्य अनुराग कुंडू, विभाग के निदेशक उमा शंकर गुप्ता और मुख्य अभियंता करणपाल सिंह चहल भी मौजूद रहे।
गांवों को मजबूत बनाने की दिशा में कदम
बैठक के अंत में मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य गांवों को आत्मनिर्भर और सुविधाओं से लैस बनाना है। खेल, प्रशासन और बच्चों के विकास से जुड़े ये प्रोजेक्ट ग्रामीण पंजाब की तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभाएंगे।
