विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की भारी बिकवाली और वैश्विक अस्थिरता के चलते गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 542.47 अंक (0.66%) टूटकर 82,184.17 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 157.80 अंक (0.63%) लुढ़क कर 25,062.10 पर बंद हुआ।
इन शेयरों को हुआ सबसे ज़्यादा नुकसान
सेंसेक्स में सूचीबद्ध 30 कंपनियों में से 25 के शेयरों में गिरावट आई। जिन कंपनियों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, उनमें शामिल हैं:
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ट्रेंट
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कोटक महिंद्रा बैंक
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अल्ट्राटेक सीमेंट
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बजाज फाइनेंस
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टेक महिंद्रा
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टीसीएस (TCS)
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इंफोसिस
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एक्सिस बैंक
ये शेयर दिनभर लाल निशान में कारोबार करते रहे और इंडेक्स पर भारी दबाव डाला।
कुछ शेयरों में रही बढ़त
हालांकि गिरावट के इस दौर में भी कुछ शेयरों में हल्की बढ़त देखने को मिली।
लाभ में रहने वाले प्रमुख शेयर:
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टाटा मोटर्स
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ईटर्नल (पूर्व में जोमैटो)
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सन फार्मा
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टाटा स्टील
इन शेयरों ने बाजार में थोड़ी स्थिरता लाने की कोशिश की।
एफआईआई की भारी बिकवाली
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 4,209.11 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री की, जो कि बाजार में गिरावट का प्रमुख कारण बना।
वैश्विक बाजारों का मिला-जुला रुख
एशियाई बाजारों में गुरुवार को मिश्रित रुख देखने को मिला।
ऊपर बंद होने वाले प्रमुख एशियाई इंडेक्स:
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जापान का निक्केई 225
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चीन का शंघाई कंपोजिट
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हांगकांग का हैंगसेंग
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दक्षिण कोरिया का कोस्पी
वहीं बुधवार को अमेरिकी बाजार सकारात्मक रुख के साथ बंद हुए थे।
कच्चे तेल की कीमतों में हल्की तेजी
अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.31% बढ़कर $68.72 प्रति बैरल हो गई, जो वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए स्थिरता का संकेत है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली और तकनीकी शेयरों पर दबाव ने भारतीय शेयर बाजार को हिला कर रख दिया। हालांकि कुछ शेयरों में मजबूती देखने को मिली, लेकिन कुल मिलाकर बाजार में गिरावट का माहौल बना रहा। निवेशकों को सतर्क रहकर अगली चाल चलने की जरूरत है।
