प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी यूके यात्रा के दौरान 24 जुलाई 2025 को चेकर्स एस्टेट में ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर से औपचारिक मुलाकात की। इस ऐतिहासिक भेंट के दौरान भारत और यूके ने मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए, जो दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा।
2035 तक के विजन की घोषणा
दोनों प्रधानमंत्रियों ने “यूके-भारत विज़न 2035” की भी घोषणा की, जो आने वाले वर्षों में रणनीतिक, रक्षा, तकनीक, निवेश, जलवायु परिवर्तन और प्रवासन जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग को मज़बूत करेगा। यह विजन दस्तावेज़ वैश्विक अस्थिरता के समय में भारत और ब्रिटेन की भागीदारी को दिशा देगा।
व्यापार में $34 बिलियन की बढ़ोतरी की उम्मीद
ब्रिटिश सरकार के अनुसार, इस समझौते के जरिए द्विपक्षीय व्यापार में हर साल लगभग $34 बिलियन की बढ़ोतरी होने की संभावना है। यह समझौता बाजार तक पहुंच को आसान बनाएगा, टैरिफ को कम करेगा और व्यापारिक प्रक्रियाओं को सस्ता, तेज़ और सरल बनाएगा।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री का बयान
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने इस अवसर पर कहा,
“यह समझौता हमारे दोनों देशों के लिए लाभकारी है। इससे नौकरियां बढ़ेंगी, लोगों की आमदनी में इज़ाफा होगा और जीवन स्तर सुधरेगा। यह उन मेहनतकश लोगों के लिए भी बेहतर अवसर लाएगा, जो बदलाव की राह देख रहे हैं।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह व्यापारिक समझौता छोटे और मझोले व्यापारियों के लिए नए दरवाज़े खोलेगा और द्विपक्षीय निवेश को और प्रोत्साहित करेगा।
चार्ल्स से भी करेंगे भेंट
प्रधानमंत्री मोदी इस यात्रा के दौरान ब्रिटेन के सम्राट राजा चार्ल्स III से भी मुलाकात करेंगे, जिससे दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
भारत और यूके के बीच यह मुक्त व्यापार समझौता केवल एक आर्थिक समझौता नहीं, बल्कि दो लोकतांत्रिक शक्तियों के बीच एक मजबूत साझेदारी की नई शुरुआत है। यह दोनों देशों के नागरिकों के लिए नए अवसर, बेहतर जीवन स्तर और वैश्विक मंच पर अधिक मजबूती लाने वाला कदम है।
