आज भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह की शुरुआत सुस्त रही। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और एशियाई बाजारों में कमजोरी के चलते घरेलू बाजार दिन के निचले स्तर के पास बंद हुआ। कारोबारी सत्र के दौरान निवेशकों में सावधानी का माहौल देखने को मिला, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट आई।
सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट
मंगलवार के शुरुआती कारोबार में ही बिकवाली का दबाव दिखा। बीएसई सेंसेक्स 55 अंक गिरकर 83,923.48 पर खुला, जबकि एनएसई निफ्टी 40.95 अंक गिरकर 25,722.40 पर पहुंच गया। कारोबार के अंत तक गिरावट और गहराती गई। सेंसेक्स 519.34 अंक या 0.62% की गिरावट के साथ 83,459.15 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 165.70 अंक या 0.64% की गिरावट के साथ 25,597.65 पर बंद हुआ।
बैंक निफ्टी में भी कमजोरी रही और यह 274 अंक लुढ़ककर 57,827 पर बंद हुआ। वहीं, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट देखने को मिली। एनएसई का MIDCAP100 इंडेक्स 260 अंक गिरकर 60,023 पर बंद हुआ, जबकि SMALLCAP100 इंडेक्स 155 अंक फिसलकर 18,358 पर आ गया।
चुनिंदा शेयरों में भारी नुकसान
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 25 शेयर लाल निशान में बंद हुए। पावर ग्रिड, एचसीएल टेक, टाटा मोटर्स, मारुति सुजुकी, इन्फोसिस और ईटर्नल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। वहीं, भारतीय एयरटेल, टाइटन, रिलायंस इंडस्ट्रीज और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में हल्की बढ़त देखी गई।
रुपया रहा मजबूत
एक राहत की खबर यह रही कि आज भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ। रुपया 12 पैसे की मजबूती के साथ 88.66 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
वैश्विक बाजारों का हाल
विदेशी बाजारों में भी कमजोर संकेत मिले। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का KOSPI, जापान का निक्केई 225 और चीन का SSE कंपोजिट लाल निशान में बंद हुए। हालांकि, हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स हरे निशान में रहा। वहीं, सोमवार को अमेरिकी बाजारों में बढ़त देखने को मिली थी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट आई है। ब्रेंट क्रूड 0.20% घटकर 64.76 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
एफआईआई ने की बिकवाली, डीआईआई ने की खरीदारी
स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) सोमवार को शुद्ध बिकवाले रहे। उन्होंने 1,883.78 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार में भरोसा दिखाते हुए 3,516.36 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और एशियाई बाजारों की कमजोरी के चलते घरेलू बाजार दबाव में है। आने वाले दिनों में महंगाई के आंकड़े और अमेरिकी बाजारों के रुख पर निवेशकों की नजर रहेगी।
